जौनपुर धारा, खुटहन। 27 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पिलकिछा के तिलवारी घाट पर गोमती नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। ऐसी मान्यता है कि भगवान राम सीता को लंका से वापस लेकर अयोध्या को लौटते समय यहां तिल भर रुके थे, इसी कारण इस घाट का नाम तिलवारी पड़ा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा गोमती नदी में स्नान किया जाता है और लगने वाले मेले तरह तरह के कृषि के सामानो व बच्चों के लिए खिलौनों कि खरीददारी कि जाती है। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पिलकिछा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व के अवसर पर वैष्णवी बाल चिकित्सालय बदलापुर द्वारा पिलकिछा घाट पर आयोजन किया गाय।जिसमे मेले में नि:शुल्क स्वास्थ्य इलाज़ किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों कि जांच कि गई, उन्हें नि:शुल्क दवाईयां भी वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त मरीजों को परामर्श भी दिया गया। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सको कि टीम में नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.प्रशान्त निषाद, जनरल फिजिशियन डॉ.इन्दल निषाद एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.सन्तोष कुमार विश्वकर्मा व अन्य सहयोगी रहे। जबकि आयोजकों में बृजेश दूबे व अभिषेक शर्मा ने चिकित्सको के प्रति आभार व्यक्त किया।
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“क्या जौनपुर के ड्रीमलैंड मेले में हो सकता है बड़ा हादसा? जांच में खामियां, फिर भी आधी रात तक चल रहे झूले”
ड्रीमलैंड मेला जौनपुर में प्रशासन की समय सीमा के बावजूद झूले आधी रात तक चल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी जांच में तकनीकी खामियां मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने गोमती में लगाई डुबकी


