इस गुमा औषधि का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है अगर जो इसके काढ़ा को सेवन नहीं करना चाहता है. वह इसकी पत्तियों को सुखाकर टैबलेट बना सकता है. यह बदहजमी, खांसी, सर्दी, आंखों के रोग, सिर दर्द, और बिच्छू के डंक मारने में भी काफी लाभकारी सिद्ध होती है.
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जौनपुर में गमगीन माहौल में मनाया गया यौमे आशूरा, कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए
जौनपुर में यौमे आशूरा पूरे श्रद्धा और गमगीन माहौल में मनाया गया। विभिन्न इमामबाड़ों से निकले मातमी जुलूसों के साथ ताजियों को कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शामे गरीबां की मजलिस में कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
कमाल की औषधि है यह पौधा
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