जौनपुर। 122 दिवसीय जन-जागरण सत्संग सभा को सम्बोधित करते हुये पंकज महाराज ने कहा सारी आत्मायें प्रभु के देश से आ रही देववाणी, आकाशवाणी पर उतार कर मानव शरीर में लाई गईं। पैदा होने के बाद उस शब्द से उसका सम्बन्ध टूट गया। उसे अब यह बोध नहीं रहा कि वह कहां से आई और मृत्यु के बाद कहां जायेगी? कर्मों के बन्धन में फंस कर वह विभिन्न योनियों में भटका खा रही है तथा नर्कों चौरासी की यातनायें झेल रही है। अबकी बार जन्म जन्मान्तरों के पुण्य से यह मानव तन मिल गया है। अब इसको व्यर्थ में जाने न देें। प्रभु की जीते जी प्राप्ति करने वाले सन्त सत्गुरु की तलाश करें। वह जो भजन का प्रसाद दें उसे लेकर जीवन सफल बनायें। इसी प्रयोजन से दयालु प्रभु ने अपने अजर-अमर देश से सन्तों को धराधाम पर भेजा। उन्होंने कहा दुनिया के लोग संसार की विद्या को पढ़कर अहंकार में डूब जाते हैं कि उनके जैसा कोई नहीं लेकिन उन्हें यह ज्ञान नहीं दुनिया का ज्ञान जहां समाप्त हो जाता है। उसकी चोंटी से आध्यात्मिक ज्ञान प्रारम्भ होता है। आप जब बताई विधि से सुरत शब्द नाम योग की साधना करेंगे तो आप की आत्मा प्रभु के देश से आ रही आकाशवाणी को पकड़ कर शरीर से बाहर होकर ऊपरी मण्डलों में चली जायेगी। मांसाहार छोड़ कर शाकाहारी बनना, नशों को त्यागना, चरित्र उत्थान समय की मांग है। संस्थाध्यक्ष ने कहा अच्छा समाज, राम राज्य तब आयेगा जब आदमी-आदमी से प्रेम करने लगेगा, नि:स्वार्थ भाव से एक-दूसरे की सेवा करने लगेगा, सबमें प्रेम, सत्य, दया, करुणा, उदारता, परोपकार के गुण पैदा हो जायेंगे। इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, महेन्द्र कुमार बिन्द, रतनलाल प्रजापति, राजबहादुर शर्मा, रामचन्द्र यादव, मनोज यादव प्रधान, राम सहाय ”गब्बरÓÓ प्रधान, मास्टर कमलेश यादव, डा. राममूर्ति चौहान, सहयोगी संगत हरदोई के संदीप कुमार, मलिखेराम आदि मौजूद रहे।
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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद
पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
आत्मायें प्रभु के देश से आ रही देववाणी : पंकज महाराज

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