- ठेकेदार ने एंटी करप्शन करप्शन ब्यूरो टीम से की थी शिकायत
- ठेकेदार ने अधिशासी अधिकारी पर भी लगाया रिश्वत लेने का आरोप
जौनपुर धारा,जौनपुर। शुक्रवार को नगर पालिका परिषद के ठेकेदार द्वारा एंटी करप्शन टीम वाराणसी मंडल वाराणसी ने छापेमारी करके एक लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार मोहल्ला जहांगीराबाद निवासी रामानंद उर्फ रमेश गुप्ता जो नगर पालिका के ठेकेदार हैं। ठेकेदार द्वारा नाली का निर्माण कराया गया था। जिसमें बिल पास करने के नाम पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका द्वारा 16.5प्रतिशत कमीशन मांगा जाने लगा। आरोप है कि जब भी पास करने की बात रामानंद द्वारा की जाती तो अधिशासी अधिकारी पुरानी बात दोहरा देते थे। इनके हरकतों से उबकर ठेकेदार ने इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दिया। जिसमें एक लाख पैसठ हजार रूपयों में केमिकल लगाकर शुक्रवार के दिन यह टीम नगर पालिका पहुंची। अधिशासी अधिकारी से जब पैसा देने की बात की गई तो उन्होंने अपने अकाउंटेंट टीएन सिंह के पास यह कहकर भेज दिया कि पैसा वहां दीजिए बिल लेकर आएंगे हम पास कर देंगे। रामानंद एंटी करप्शन की टीम के साथ अकाउंट सेक्शन में गए और रुपए दे दिया। टीएन सिंह ने पास में रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सनी वाल्मीकि को रुपया अलमारी में रखने के लिए कहा इतने में टीम ने दोनों को दबोच लिया। दोनों के हाथ धुलवाए गएं, जिसके बाद लाल रंग निकालने लगा। टीम दोनों को अपने कब्जे में लेकर लाइन बाजार थाने ले गई। वहां अभियोग पंजीकृत कराकर दोनों को अपने साथ ले गए। यह बात पूरी तरह खुल गई की अधिशासी अधिकारी ठेकेदारी के मामले में लंबा कमिशन मांगते हैं, और जैसे ही यह कार्रवाई शुरू हुई अधिशासी अधिकारी समेत अकाउंट सेक्शन के सभी कर्मचारी मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। लगभग 3 बजे पहुंची पत्रकारों की टीम ने देखा कि अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी हुई है। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का यह मामला जहां चरम सीमा पर है, वहीं यह बात कहना गलत नहीं होगा कि अभी कुछ माह पूर्व नगर पालिका के एक कर्मचारी को इसी टीम में रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया था। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि अकाउंटेंट लिपिक के साथ चतुर श्रेणी कर्मचारी अपने अधिकारी के आदेश का पालन करने में वह भी नपं गये।


