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Homeअपना जौनपुरराष्ट्रीय लोक अदालत में 37667 मामलें हुए निस्तारित

राष्ट्रीय लोक अदालत में 37667 मामलें हुए निस्तारित

जौनपुर धारा, जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व जनपद न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं कुशल निर्देशन तथा शिल्पी चौहान, सिविल जज सी.डि. की देख-रेख में जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया।इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, अपर प्रधान न्यायाधीश, समस्त अपर जनपद न्यायाधीश तथा सिविल जज सी.डि. एवं जू.डि.के समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 2389 एवं राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में 35278 अर्थात कुल 37667 मामलें निस्तारित हुए तथा समझौता राशि कुल रू.1784663854 रुपये की गई। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण भूदेव सिंह गौतम द्वारा क्षतिपूर्ति के 141मुकदमें लगाये गये। जिनमें से 128 मामलों का निस्तारण कराते हुए कुल रू.11,39,18,000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति याचीगण को दिलायी गयी। पारिवारिक न्यायालयो द्वारा 146 मुकदमों को निस्तारित किया गया जिसमें पीड़ि़ता को मु.80,50,000 रूपये की समझौता राशि प्रदान करायी गयी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश ईसीएक्ट द्वारा विद्युत से सम्बन्धित कुल 67 वाद निस्तारित किये गये। विभिन्न मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 1,885 शमनीय फौजदारी वादों को निस्तारित किया गया। जिनमें रू.85,020 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन.आई.एक्ट के 02 मामलें तथा अन्य प्रकार के 116 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें समझौता राशि रू.2,770 दिलाया गया। सिविल न्यायालय द्वारा कुल 45 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में मु.48,11,925.83 रूपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों एवं पुलिस विभाग द्वारा भी मामलों का निस्तारण कराया गया, जिसमें राजस्व न्यायालयों फौजदारी के 1754 वादों, राजस्व के 419 वाद एवं अन्य प्रकार के 31,817 व नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 32 वादों, विद्युत बिल से सम्बन्धित 32 वादों मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक/फाइनेंस कम्पनी एवं बीएसएनएल आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 1222 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु.1,65,77,22,509 रुपये का समझौता किया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 37667 मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें कुल रू0 1,78,46,63,854 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया। 

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