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डोमिनिक मार्टिन के कमरे में छापा मारने गई पुलिस टीम रह गई हैरान

दो दिन पहले ईसाई प्रार्थना सभा में ब्लास्ट करने के आरोपी डोमिनिक मार्टिन से केरल पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. यह भी पता चला है कि मार्टिन काफी तेज दिमाग का है. इतना ही नहीं, उसने गल्फ कंट्री में एक अच्छे पैकेज की नौकरी तक नौकरी छोड़ दी थी. हालांकि, शिक्षा के बारे में पता चला है कि मार्टिन खुद 10वीं पास है.

बता दें कि रविवार को केरल विस्फोट में तीन लोगों की जान चली गई थी और 50 से ज्यादा घायल हो गए थे. इस घटना की जिम्मेदारी मार्टिन ने ली है और खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया है. ये विस्फोट यहां के निकट कलामासेरी में एक कन्वेंशन सेंटर में किए गए थे, जहां यहोवा के साक्षियों की एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी. पुलिस का कहना है कि जब मार्टिन ने जॉब छोड़ी तो उसके जानने वाले कई लोग हैरान रह गए थे. उन्होंने मार्टिन के इरादों पर सवाल उठाए थे. मार्टिन के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. उसकी बेटी आईटी प्रोफेशनल है, जबकि बेटा लंदन में पढ़ाई कर रहा है. मार्टिन थमन्नन के किराए के घर में अपनी पत्नी के साथ रहता था. मंगलवार को विशेष जांच टीम ने पहले मार्टिन से पूछताछ की, उसके बाद महत्वपूर्ण सबूतों की तलाश में अलूवा के पास अथानी स्थित उसके आवास पर लेकर गई. यहां विस्फोटक उपकरणों को इकट्ठा किए जाने का संदेह था. मार्टिन ने जांच टीम को यह भी बताया कि वो अपने इसी पुश्तैनी घर में विस्फोटक तैयार करता था. उसने विस्फोट तैयार की पूरी प्रक्रिया पुलिस को बमाई. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मार्टिन ने अपने घर में आईईडी जुटाकर रखी थी. एक कमरे में विस्फोटक से जुड़ा सामान मिला है. विस्फोटक बनाने के डिजाइन और तैयारी को देखकर पुलिस हैरान रह गई. पुलिस सूत्रों का कहना था कि घर में जो सामान मिला है, उसमें बड़ी संख्या में बैट्री, तार और पेट्रोल की बोतलें शामिल हैं. आरोपी ने इन सामानों का इस्तेमाल करके आईईडी बम बनाए थे, जिनको टिफिन बॉक्स में कन्वेंशन सेंटर में रख दिया था. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब मार्टिन ने रविवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया तो उसने खरीदी गई सामग्रियों के बिल भी दिखाए थे. जिससे उसके खिलाफ मामला और मजबूत हो गया है. इन कागजात में विस्फोटक के निर्माण से जुड़े पेट्रोल खरीद के बिल भी शामिल थे. पुलिस का कहना है कि मार्टिन बहुत तेज दिमाग का है और बेहद लगनशील भी है. उसने घटना को अंजाम देने से पहले विदेश में शानदार पैकेज वाली नौकरी तक छोड़ दी. इस घटनाक्रम को जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए. वो खुद इलेक्ट्रिक सर्किट एक्सपर्ट बताता है. बताते हैं कि दुबई से वो दो महीने पहले ही कोच्चि लौटा था. इलेक्ट्रॉनिक्स में उसकी समझ ने मामले से जुड़े रहस्य को और गहरा कर दिया है. बताते चलें कि मार्टिन को जब मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया तो उसका चेहरा ढका था और मास्क पहने था. कानूनी प्रक्रिया के तहत बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड के लिए एक आवेदन जमा किया जाएगा. कोर्ट की तरफ से कई बार कानूनी सहायता की पेशकश की गई. उसके बावजूद मार्टिन ने खुद ही अपना पक्ष रखने पर जोर दिया है. उसने आर्थिक हालात खराब की आशंका को खारिज किया और कहा कि ये उसकी व्यक्तिगत चॉइस है. पुलिस ने इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के अलावा यूएपीए की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं. जांच टीम अभी भी यह समझने के लिए काम कर रही है कि मार्टिन का विदेश में एक सफल करियर था. वो कथित तौर पर विस्फोट में क्यों शामिल होगा? हालांकि  जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

‘मेरे सामने कोई विकल्प नहीं था’

पुलिस के सामने सरेंडर करने से पहले मार्टिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो संदेश जारी किया था और ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली थी और अपने कारण बताए थे. इस वीडियो में मार्टिन ने दावा किया कि उसने यह निर्णय इसलिए लिया, क्योंकि संबंधित संगठन की शिक्षाएं ‘भड़काने वाली’ हैं. मार्टिन ने आगे दावा किया कि यहोवा के साक्षी और उसकी विचारधारा देश के लिए खतरनाक हैं. इसलिए राज्य में इसकी मौजूदगी समाप्त करनी होगी.  उसने दावा किया कि संगठन को अपनी शिक्षाओं को सही करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन वो लोग ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे.ऐसे में चूंकि मेरे पास कोई अन्य विकल्प नहीं था, इसलिए मैंने यह निर्णय लिया.

‘अभी भी 21 लोग अस्पताल में भर्ती’

गौरतलब है कि विस्फोटों में एक महिला की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा घायल हो गए थे, जिनमें से छह की हालत गंभीर थी. उसके बाद एक 53 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया था. सोमवार सुबह तक 12 वर्षीय लड़की की मौत के साथ मरने वालों की संख्या तीन हो गई. ये बच्ची घटना में 95 प्रतिशत जल गई थी. फिलहाल, 21 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, इनमें से तीन की हालत गंभीर है.