- आशिक मिजाज़ शिक्षक को कालेज के मान सम्मान की भी नहीं है परवाह
- पूर्वांचल का एक माना जाना कॉलेज है तिलकधारी सिंह महाविद्यालय
जौनपुर धारा, जौनपुर। गुरु का पद समाज में बहुत खास होता है लेकिन गुरु जब शिक्षा देने की बजाय आशिक मिजाज़ हो जाता है तो अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होने लगते हैं। इस युग में गुरु–शिष्य के रिश्ते को कई गुरुओं ने बदनाम कर दिया है। कुछ हवस के भूखे लोगों ने इस रिश्ते की मर्यादा को तार-तार कर दिया। ऐसे मामले विगत दिनों सुर्खियों में आए जहां गुरु की हरकतों ने पूरे समाज को शर्मसार कर डाला। हमारे जीवन में शिक्षक की अहम भूमिका होती है और शिक्षक के लिए सबसे गर्व का क्षण वो होता है, जब उनका कोई छात्र या छात्रा उनका नाम रोशन करता है। सफलता के नए आयाम हासिल करता है। गुरु को हमारी संस्कृति में सबसे ऊंचा दर्जा दिया है लेकिन इस युग में इस पावन पवित्र रिश्ते को कई गुरुओं ने बदनाम कर दिया है। मामला है नगर के प्रतिष्ठित तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय की। जो न केवल जौनपुर बल्कि पूर्वांचल में एक माना जाना कॉलेज है।यहां से शिक्षा हासिल करके निकलने वाले छात्र छात्रा देश और प्रदेश के अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां शिक्षा भी उच्च क्वालिटी की दी जाती है। हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिससे शिक्षक समाज भी शर्मसार हो गया है। पिछले सप्ताह प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष डा. प्रदीप सिंह पर एक छात्रा पर बीएड व टीईटी पास कराने का प्रलोभन देते हुए शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए दबाव डाला गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद लाइन बाजार थाना पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डा.प्रदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया था। महाविद्यालय की प्रबंध समिति ने रविवार को आपात बैठक में आरोपित डा.प्रदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर पूरे प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि इसी तरह का एक और मामला सामने आ गया। बदलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के यूपी सिंह कालोनी में किराये पर मकान लेकर अपने 12वर्षीय पुत्र के साथ रहती है। महिला का आरोप है कि उनका पुत्र बुधवार की सुबह 10 बजे इसी कालोनी में रहने वाले प्राध्यापक संतोष सिंह के घर किताब लेने गया था। संतोष सिंह ने उनके पुत्र को कमरे में बंद कर अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। अब यहां सवाल यह उठता है कि अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा के लिए अगर कॉलेज में भेजे तो कहां तक निगरानी करें। परीक्षा में अच्छे अंक दिलवाने के नाम पर छात्रा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने वाले ऐसे शिक्षक समाज में गंदगी फैला रहे हैं। ऐसे रंगीले मिजाज के शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अभिभावक निश्चिंत होकर अपने बच्चों को विद्यालय भेज सकें।



