जौनपुर धारा, जौनपुर। दीपावली के एक दिन पहले हनुमान की जयंती के अवसर पर शहर के सभी हनुमान मन्दिरों पर पूजन दर्षन के लिए भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालु प्रसाद लेकर मन्दिर पहुंचे और हनुमानचालीसा का पाठ किया।
शहर के बड़े हनुमान मन्दिर, कोतवाली चैराहा स्थित संकट मोचन, बीआरपी कालेज स्थित हनुमान मन्दिर सहित अन्य मन्दिरों पर भी भारी भीछ़ देखी गयी। वैसे तो हनुमान जयंती साल में दो बार पड़ती है, लेकिन दीपावली से ठीक एक दिन पहले पड़ने वाली हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। दीपावली जहां भगवान राम के चैदह वर्ष वनवास से अयोध्या नगरी लौटने की खुशी में प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। वहीं उनके परम सेवक हनुमान जी का भी जन्मोत्सव ठीक एक दिन पहले यानी छोटी दीपावली के दिन मनाया जाता है। इस दिन नरक चतुर्दशी, काली मां की पूजा के साथ ही साथ हनुमान का जन्मदिवस भी मनाया जाता है। ज्ञात हो कि इस दिन हनुमान की विशेषरूप से पूजा अर्चना होती है। बड़े-बड़े पर्वत उठाने वाले, समुद्र लांघ जाने वाले और स्वयं ईश्वर का कार्य संवारने वाले संकटमोचन की पूजा करने से जीवन में कभी भी संकटों का सामना नहीं करना पड़ता है। बजरंगबली को चिरंजीवी का आशीर्वाद प्राप्त है। इसलिए कहा जाता है कि हनुमानजी आज भी पृथ्वी पर वास करते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन इनकी पूजा-आराधना से संकटों से मुक्ति और सुख शान्ति की प्राप्ति होती है। जिन लोगों की कुंडली में शनि जैसे ग्रह अशुभ प्रभाव डालते हैं, उन्हें हनुमान जी की पूजा जरूर करनी चाहिए। इनकी आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत बाधा, मरण आदि से पूर्णतः मुक्ति मिल जाती है।



