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Homeअपना जौनपुरसार्वजनिक इण्टर कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोता हुए मंत्र मुग्ध

सार्वजनिक इण्टर कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोता हुए मंत्र मुग्ध

जौनपुर धारा,मुंगराबादशाहपुर। स्थानीय सार्वजनिक इंटर कॉलेज के प्रांगण में बुधवार देर शाम को विजय संस्थापक द्वारा विजय बहादुर सिंह व भूपेंद्र सिंह की पुण्य स्मृति में बीती रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सुधि श्रोता रात भर इसमें गोता लगाते रहे।इस दौरान विजय संस्थान के अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र सिंह, पूर्व आईजी नागेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य वी.के.सिंह, जितेंद्र सिंह, उदय सिंह हंसराज सिंह, राहुल सिंह ने विजय बहादुर सिंह के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। अयोध्या से पधारी कवियत्री पूजा मिश्रा यक्ष ने वीणा पाणी के वंदना गीत से कार्यक्रम की शुभारंभ किया। तत्पश्चत ‘सबर रखना सबर करना हमारे राम आयेगे, यहीं जब धाम है प्रभु का कहां श्रीराम जायेंगे’। तत्पश्चात डॉ.बच्चा बाबू वर्मा ने अपनी गजल कुछ यूं बांची’ मान लूं हंसके तू कहे जैसा, मशवरा हो तो मशवरे जैसा। तत्पश्चात रमेश विश्वहार ने अपने गीत कुछ यूं पढे ‘फगुना हो ब्रज में झूमेगी गोरी नंद गांव की, घिर आई बदरी सुन लेना झनके जो पायल पांव की। चांद ज़रा तुम रुक जाना, पर्वत पीछे छुप जाना। आज पूनम की रात है, निकलेगी गोरी गांव की’। तत्पश्चात चंद्रबहादुर चंद्र ने स्व.विजय बहादुर की याद में अपनी चिर परिचित रचना पढ़ी। इसके बाद कवि मनोज मद्रासी और नीरज पांडेय ने हास्य कविता से लोगो को लोट पोट करने के साथ ही व्यंग की रचनाएं भी सुधी श्रोताओं को परोसा। तत्पश्चात् डा अनुज नागेंद्र ने अपनी गजल अलग अंदाज में कुछ यूं बयां किया ‘गजल के वास्ते मै फिक्र को बेताब करता हूं, लहू देकर जिगर का फिर इन्हें सादाब करता हूं। प्रतापगढ से पधारे डाद राजेंद्र राज ने एक से बढ़कर एक व्यंग की रचनाएं सुनाकर लोगो को आज के परिवेश से जोड़ा। कवि सम्मेलन का संचालन नीरज पांडेय ने तो अध्यक्षता राजेन्द्र राज ने किया। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख सत्येन्द्र सिंह, नागेन्द्र सिंह, विनोद सिंह, जितेन्द्र सिंह, िंरटी सिंह, दीपू सिंह, विमल सिंह, अभिषेक शुक्ला, आशोक मिश्रा, राहुल सिंह, सुनील सिंह, अनुपम तिवारी, पप्पू सिंह आदि गणमान्य जन समेत बड़ी संख्या में सुधी श्रोता मौजूद रहे।