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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
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शोध समाजपयोगी होना चाहिएः कुलसचिव

  • नए विचार और मुद्दे के लिए प्रोत्साहित करती है शोधः प्रो. रश्मि कुमार
  • दो सप्ताह तक चले कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का समापन

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में चल रहे कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत शनिवार को समापन किया गया। यह कार्यक्रम दो सप्ताह तक चला। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रो.रश्मि कुमार ने कहा कि इण्टर डिसीप्लिनरी रिसर्च इन सोशल साइंस विभिन्न सामाजिक विज्ञान विषयों को अध्ययन करता है। यह छात्रों को उनके सामने आने वाले प्रत्येक नए विचार या मुद्दे पर कई दृष्टिकोणों से विचार करने के लिए गंभीर रूप से प्रतिबिंबित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह अनुसंधान में विभिन्न विज्ञान क्षेत्रों को सम्मिलित करके समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता है।इस प्रकार की अनुसंधान प्रक्रिया में अधिकतर संसाधनों को समाहित किया जाता है। जैसे कि विज्ञान, गणित, आर्थिक विज्ञान, और मनोविज्ञान। इससे नई और अद्वितीय दृष्टिकोण उत्पन्न होता है। जो सामाजिक समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने में मदद करता है। अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि शोध समाजपयोगी होनी चाहिए। शोध का मतलब तभी सार्थक होगा। जब किसी शोधकर्ता का शोध समाज के किसी वर्ग के काम आ जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में कोई संतुष्ट नहीं है। हर व्यक्ति तनाव, ड्रिपेशन से परेशान है। यह क्यों होता है इसी के जवाब में शोध की शुरुआत होती है। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो.अजय प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि बहुत ही मनोयोग से प्रतिभागियों ने दो सप्ताह का समय बिताया। मैं आशा करता हूं कि यहां से उन्हें बहुत सी जानकारियां प्राप्त हुई होगी। कार्यक्रम के सहसमन्वयक डॉ.मनोज पाण्डेय ने कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के बारे में विस्तार से बताया। संचालन डॉ.जाह्नवी श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.अनु त्यागी ने किया। इस अवसर पर प्रो.अविनाश पाथर्डीकर, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.प्रियंका सिंह, डॉ.साधना मौर्या, डॉ.आकांक्षा श्रीवास्तव, डॉ.अंकिता श्रीवास्तव, डॉ.निशा पांडेय, श्रुति श्रीवास्तव, कश्मा सिंह, रेनु मल चौहान, डॉ.दया सिंधु, डॉ.विवेक मिश्रा, डॉ.कपिलदेव, अनुपम, दीपक कुमार यादव, एजाज अहमद, डॉ.वीरेंद्र कुमार साहू, डॉ.दीपक कुमार दास, बब्बन कुमार, एसी सिंह, चंद्रभुज कश्यप, यदुभान कुमार आदि उपस्थित रहे।