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Homeदेशविभाग आवंटित करने के मुद्दे को लेकर सियासत तेज

विभाग आवंटित करने के मुद्दे को लेकर सियासत तेज

महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है. इसी बीच शिवसेना (Shiv Sena) ने गुरुवार (13 जुलाई) को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार और विभागों का आवंटन 14 जुलाई को होने की संभावना है. हालांकि शिवसेना (यूबीटी) ने शिंदे गुट पर तंज कसते हुए दावा किया कि इस बात की आशंका कम है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे के विधायकों को कैबिनेट विस्तार में जगह दी जाएगी. 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार और उनकी पार्टी के आठ अन्य विधायकों ने बगावत करते हुए 2 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. उनके इस कदम के बाद शरद पवार के नेतृत्व वाले संगठन में विभाजन हो गया. जिसके बाद शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार में एनसीपी के विधायकों के शामिल होने से विभागों के आवंटन को लेकर खींचतान शुरू हो गई है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने गुरुवार को कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार और विभागों का आवंटन शुक्रवार को होने की 99 प्रतिशत संभावना है. जबकि उनकी पार्टी के सहयोगी और मंत्री उदय सामंत ने कहा कि ये उचित समय पर किया जाएगा. नए मंत्रियों को विभागों के आवंटन की अटकलों के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाकात की. इससे पहले दिन में अजित पवार और देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनके आवास पर बैठक की थी. बीजेपी के एक सूत्र ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि ये मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली. इससे पहले अजित पवार और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार रात को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी. इसके बाद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अमित शाह और अन्य बीजेपी नेताओं के साथ एक शिष्टाचार भेंट थी क्योंकि वह और अजित पवार महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने के बाद से औपचारिक रूप से इन वरिष्ठ नेताओं से नहीं मिले थे. इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार पर कटाक्ष किया है. महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता और शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि बीजेपी के लिए उन लोगों को संतुष्ट करना मुश्किल होगा जिन्हें उन्होंने तोड़ा है. ये असंभव नहीं है, लेकिन तीनों पार्टियों के विधायकों की उम्मीदें को पूरा करना बहुत मुश्किल है. अंबादास दानवे ने दावा किया मंत्री बनने के इच्छुक विधायकों की संख्या ज्यादा है और पद कम है. बीजेपी कार्यकर्ताओं में काफी असंतोष है. उन्होंने कहा कि ऐसे में कैबिनेट विस्तार एक चुनौतीपूर्ण काम है. अभी भी विभागों का कोई आवंटन नहीं हुआ है तो एक और बार कैबिनेट विस्तार कब होगा. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि ये संदिग्ध है कि कैबिनेट विस्तार होगा क्योंकि इससे शिवसेना और एनसीपी में गुस्सा फूट पड़ेगा. अजित पवार गुट के सभी मंत्री दिग्गज हैं जो उपमुख्यमंत्री, गृह मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. इसलिए उन्हें उसी हिसाब से विभाग दिए जाने की आवश्यकता होगी. दूसरी ओर शिंदे गुट को मूंगफली से ही गुजारा करना होगा.