- माँ दुर्गा जी सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए हुआ कार्यशाला का आयोजन
- विद्यार्थियों को धर्म, संस्कृति, आदर्श चरित्र जैसे नैतिक विषयों पर दिए गये उपदेश
जौनपुर धारा, जौनपुर। मां दुर्गा जी सीनियर सेकंडरी विद्यालय सिद्दीकपुर में विद्यालय के छात्र छात्राओं को उपदेश देने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें प्रख्यात कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने विद्यार्थियों को धर्म, संस्कृति, संस्कार पर करीब एक घंटे तक उपदेश दिया। उन्होंने कार्यशाला में छात्र-छात्राओं के अनेक प्रश्नों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयास किया। विद्यार्थियों से कहाकि माता-पिता व गुरु की आज्ञा का पालन ही आपका धर्म है और उस धर्म को पूर्ण करने के लिए जो भी कार्य आप करते हैं वही आपका कर्म है। उन्होंने कहाकि आपको सफल नहीं सार्थक बनने का प्रयास करना चाहिए। कक्षा नौ से बारह तक के छात्र-छात्राओं से कहाकि चौदह से इक्कीस वर्ष की किशोरावस्था जीवन के सबसे निर्णायक व महत्वपूर्ण वर्ष होते है। इसी अवस्था में अगर आपने सही राह चुन ली तो जीवन में सफलता निश्चित है पर आपको जीवन में सफल नहीं होना है, बल्कि सार्थक बनना है। अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपको हर समय जल के बाहर निकली मछली की भाँति छटपटाना चाहिए तभी जो सोचेंगे उस से ज्यादा ही पायेंगे। अंत में उन्होंने ने कहाकि किसी मंदिर में भगवान है या नहीं इसका मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है किंतु आपके घर में जो माता-पिता है, जो आपके गुरु हैं वह निश्चित ही भगवान स्वरूप है इसलिए कभी भी इनका अनादर नहीं करना चाहिए। कायक्रम की शुरूआत में आचार्य शान्तनु का विद्यालय के प्रबंधक सूर्य प्रकाश सिंह व निदेशक सूर्यांश प्रकाश सिंह ने अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक सिंह, केएन सिंह, सुनील मौर्य, पीडी सिंह, अजीत सिंह व समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



