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Homeअपना जौनपुररेलवे स्टेशन पर बाल मजदूरों से लिया जा रहा काम

रेलवे स्टेशन पर बाल मजदूरों से लिया जा रहा काम

  • श्रम विभाग की कार्यप्रणाली है बेहद सुस्त
  • सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे ठेकेदार

जौनपुर धारा, जौनपुर। जिला मुख्यालय में श्रम विभाग की कार्यप्रणाली बेहद सुस्त है। विभागीय अधिकारी जिला मुख्यालय में बाल श्रमिकों की मौजूदगी को ही नकारते रहे हैं। जबकि जिला मुख्यालय में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर, होटल, दुकान, ढाबा आदि स्थानों में कार्य कराया जा रहा है। हकीकत यह है कि शहर में ऐसे बच्चों को पढ़ाने वाली एक भी स्कूल संचालित नहीं है। बाल श्रम के बारे मे जिला श्रम विभाग द्वारा लगातार इनकार किया जाता है और एक भी बाल श्रमिक के नहीं कार्यरत होने की बात की जाती है। लेकिन शहर में कई बच्चे ऐसे हैं,  जो मजदूरी कर रहे हैं। बाल श्रमिकों से कार्य लिए जाने वाले लोगों के खिलाफ श्रम विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करने से जिला मुख्यालय सहित कई स्थानों में बाल श्रमिक आसानी से देखे जा सकते हैं।

बाल मजदूरी के बारे में लेबर लॉ में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा मजदूरी को बाल मजदूरी माना गया है, इसके लिए बाल मजदूरों से मजदूरी कराने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना और सजा का प्रावधान है। नगर के भण्डारी रेलवे स्टेशन से कई क्षेत्र में जहां निचले तबके के लोगों के दर्जनों बच्चे परिवार को आर्थिक मदद देने के नाम पर 13-15 वर्ष की आयु से ही मोहल्ले एवं आस-पड़ोस के वार्ड के व्यापारी उनसे कार्य कराते हैं। शहर के रेलवे भण्डारी स्टेशन के प्लेट फार्म नं.02 पर कुछ नाबालिगों से मजदूरी कार्य कराया जा रहा है। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार 14 साल से कम उम्र के बच्चों से मेहनत मजदूरी जैसा शारीरिक काम कराना अपराध है। देश के बाल श्रम कानून में संशोधन ने बाल मजदूरी की परिभाषा बदल दी है।जिसके अन्तर्गत किसी भी सूरत में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर नहीं लगाया जा सकता। रेलवे स्टेशन पर चल रहें निर्माण कार्य में बाल मजदूरों से लिये जा रहे कार्य दीपक तले अन्धेरा होने के समान लगतें हैं। एक तरफ सरकारी तंत्र बालश्रम के अभिशाप को दूर करने के लिये तमाम कवायद कर रही है तो वहीं भण्डारी स्टेशन ठेकेदारों द्वारा बाल मजदूरों से मजदूररी कराकर सरकारी मंशा में सेंध लगाने का कार्य कर  रहें हैं। अब सवाल इस बात पर उठता है कि क्या निर्माण कार्य शुरू होने के लेकर अब तक किसी आलाधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया होगा? यदि किया है उनके नजर में यह लापरवाही कैसे नहीं दिखी? इन मामलों में श्रम विभाग को कड़ा एक्शन लेना होगा जिससे इस तरह के अपराध पर लगाम लगाई जा सके।