Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Homeमनोरंजन'रामायण' के 'राम' अरुण गोविल के पैरों में रखा बीमार बच्चा

‘रामायण’ के ‘राम’ अरुण गोविल के पैरों में रखा बीमार बच्चा

‘रामायण’ के ‘राम’ अरुण गोविल के पैरों में रखा बीमार बच्चा

साल 1987से 1988तक चलने वाली टीवी सीरीज ‘रामायण’ में प्रभु राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल को लोगों ने भगवान का ही दर्जा दे दिया था। इस बात को खुद अरुण कई बार बता चुके हैं। दरअसल टीवी पर उनकी छवि ही ऐसी बन गई थी कि जहां भी लोग उन्हें देखते थे, तो उनके प्रति अपनी श्रद्धा दिखाने लगते थे। टीवी सीरीज ‘रामायण’ से जुड़े ऐसे कई किस्से हैं, जो अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

दरअसल कोविड के दौरान लॉकडाउन के समय ‘रामायण’ का दोबारा प्रसारण दूरदर्शन पर किया गया था। जिसके बाद से इस सीरीज से जुड़े कई किस्से सामने आने लगे और यह सिलसिला अब तक जारी है। अरुण गोविल ने खुद कई किस्से इस सीरीज की शूटिंग के दौरान के शेयर कर चुके हैं। एक इंटरव्यू में अरुण ने ऐसी घटना का जिक्र किया था, जिसे जान आप भी हैरान रह जाएंगे। अपने एक इंटरव्यू में अरुण ने कहा था कि एक बार ‘रामायण’ के सेट पर एक महिला अपने बच्चे को लेकर आई और सभी से पूछने लगी कि भगवान राम कहां हैं? फिर सभी ने उस महिला को अरुण गोविल के पास भेज दिया। जब वह महिला अरुण के पास पहुंची तो उसने अपने बच्चे को उनके पैर में रख दिया और कहने लगी कि ये बहुत बीमार है, इसे बचा लीजिए। यह सब देख अरुण काफी घबरा गए और उस बेबस मां से कहने लगे वह कुछ नहीं कर सकते, इसे किसी डॉक्टर के पास ले जाइए। फिर अरुण ने उन्हें कुछ पैसे दिए। उस दिन तो वह महिला वहां से चली गई, लेकिन3 दिन बाद वह फिर सेट पर पहुंची। इस बार उन्होंने अरुण से कहा कि उनका बच्चा ठीक हो गया है। ये सुनने के बाद वह समझ चुके थे कि भगवान से सच्चे मन से कुछ मांगो तो वह जरूर मिल जाता और जब वह महिला अरुण के पास आई थीं, तो उन्होंने उस बच्चे की ठीक होने की दुआ मांगी थी।