जौनपुर। 122दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा ने थाना सरपतहा क्षेत्र के इंदिरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय ग्राम बुढ़ूपुर में अपना उनतीसवां पड़ाव डाला। सत्संग सभा में पंकज महाराज ने रामचरित मानस की चौपाई ‘सन्त मही विचरत केहि हेतू। जड़ जीवन कंह करत सचेतू।।Ó को उद्धृत करते हुये कहा सन्त महात्मा बहुत दयालु होते हैं। जिस प्रकार विद्यार्थी विद्याध्यन के लिये विद्यालय जाते हैं उसी प्रकार सन्तों महात्माओं का सत्संग आध्यात्मिक पाठशाला है। वह समझाते हैं कि गृहस्थ आश्रम में रहकर अपना काम मेहनत ईमानदारी से करें, परिवार का पालन पोषण करें तथा थोड़ा सा समय निकाल कर भगवान का भजन भी करें। गाना, बजाना, ढोल, मंजीरा यह भजन नहीं है यह तो भजन की नकल है। भजन तो प्रभु के देश से आ रही, आकाशवाणी, अनहदवाणी को आत्मा के तीसरे कान से सुनने को कहते हैं। उन्होंने कहा मांसाहार के कारण जब पशु-पक्षियों के बैक्टीरिया मानव शरीर के अन्दर पहुंच जायेंगे तो तरह-तरह की बीमारियां पैदा हो जायेंगी। अभी गत् वर्षों में आप ने कोरोना जैसी भयंकर बीमारी का दृश्य देखा। कोई किसी से मिल नहीं सकता था। मांसाहार व शराब का सेवन करके ऐसे समय को दुबारा क्यों लाना चाहते हैं।
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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन
जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
मांसाहार के सेवन से दोबारा आ सकती है कोरोना जैसी महामारी

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