जौनपुर धारा, सिकरारा। सड़क हादसे की एक घटना ने आलीशाहपुर (प्रतापगंज) गांव में एक परिवार के सपने को चकनाचूर कर घर की खुशियां छीन ली। दुर्घटना में घर का इकलौता चिराग बुझ गया तो दो माह पहले ही घर मे आई नई बहू का सुहाग उजड़ गया। हादसे से पूरा परिवार बिखर गया। इकलौते जवान बेटे की मौत से परिवार में चीत्कार मचा हुआ है। सगे-संबंधियों से लेकर आस पड़ोस के लोग ढांढस बंधाने में लगे हुए थे। सुजानगंज थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में गया का भेज के निमंत्रण से वापस घर आते समय मछलीशहर थाना क्षेत्र के परहती बाजार के पास निवासी सुक्खूराम के मोबाइल पर रात में पुत्र आकाश सोनी (22) की सड़क हादसे में मृत्यु व मोटरसाइकिल पर बैठे दादा रामबली सेठ के घायल होने की सूचना हुई तो मानों उन पर बज्रपात हो गया। सूचना मिलते ही वे घर के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर शव को लेकर घर पहुंचे तो घर पर कोहराम मच गया। दो माह पहले ही 28 फरवरी को बेटे की शादी की खुशियों पर मानो ग्रहण लग गया। पति का शव देखकर पत्नी वंदना गश खाकर गिर पड़ी। उसे देखकर लोगो के मुंह से यही बोल निकल रहे थे कि वंदना अब कैसे काटेगी अकेले पहाड़ सी जिंदगी, कौन होगा उसका व मां बाप का सहारा। मां-बाप ने कभी सोचा भी नहीं था कि पुत्र के कंधे पर अपना जनाजा उठने से पहले उन्हें यह दिन देखना पड़ेगा। बूढ़ी दादी बुटना देवी की दर्द भरी चीत्कार बेटा रे बेटा अब केकरा सहारे जीयब रे बेटा..। सुनकर लोगों की आंखे बरबस ही छलक पड़ी। माता पुष्पा देवी जवान बेटे की मौत से बेसुध पड़ी हुई थी। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। रविवार को बातचीत के दौरान पिता सुक्खूराम ने बताया कि मछलीशहर थाना पुलिस घर पर आई तो हमने बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। कहा पुलिस को मैंने लिखकर दे दिया कि मुझे मुकदमा दर्ज नहीं कराना है।
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श्रमजीवी एक्सप्रेस में छूटे तीन बच्चे, जीआरपी ने मां से मिलाया
श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में वाराणसी कैंट स्टेशन पर मां के ट्रेन से उतरने के बाद तीन बच्चे अकेले रह गए। जौनपुर जीआरपी ने चेकिंग के दौरान बच्चों को सुरक्षित बरामद किया और पहचान व तस्दीक के बाद उनकी मां से मिलाया।
पुष्पा की सूनी हुई गोद तो वंदना का उजड़ा सुहाग

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