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Homeअपना जौनपुरपुलिस चाहती तो बच सकता था महेश

पुलिस चाहती तो बच सकता था महेश

जौनपुर धारा, जफराबाद। बीते मंगलवार को देर रात हौज गांव में चाचा श्याम सिंह ने अपने भतीजे महेश के पेट में गुप्ति (चाकू) घुसा दिया। महेश ने घटना की जानकारी थाने पर मौजूद चौकी इंचार्ज आशीष पांडे के पास देने के लिए घायल अवस्था में पूछा। चौकी प्रभारी ने महेश के जख्मों को देखकर किसी चीज से खोच लगे होने की बात कहकर डांटने लगे। पीड़ित महेश को गुस्सा आया। चोट पर लगे पट्टी को महेश ने नोंचकर जख्म चौकी प्रभारी को दिखाया। काश तब भी चौकी प्रभारी समझ गए होते। बाहर से छोटा जख्म, भीतर गहरे जख्म को प्रभारी समझने में गलती कर गए। गाली गलौज देकर भगा दिया। जिसकी वजह से महेश को सही इलाज नहीं मिला। धीरे-धीरे शरीर में जहर फैल गया। महेश की मौत हो गई। महेश की पत्नी तथा गांव वालों ने बताया कि महेश अपने गंभीर चोट होने की पुष्टि के लिए चाकू लगने वाले स्थान से पट्टी खींचकर हटा दिया। बावजूद इसके चौकी इंचार्ज महेश के घाव की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके। महेश की मौत का कारण परिजन चौकी प्रभारी को मान रहे हैं। चौकी प्रभारी की गैर जिम्मेदाराना हरकत के बावजूद उच्चाधिकारियों ने अभी तक उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जिसकी वजह से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

  • बातचीत का ऑडियो हुआ वायरल

मंगलवार को देर रात महेश अपने एक दोस्त के मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए अपने चाचा द्वारा पेट में चाकू मार देने की बात करते हुए थाने पर बुलाने की बात कर रहा है। ऑडियो मोबाइल में रिकॉर्ड हो गया। लोगों के बीच वायरल हो रहा है। घटना के तीन दिन बीतने व महेश की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया।

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