Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअंतर्राष्ट्रीयछह साल की एक बच्‍ची को पिट-बुल कुत्‍ते ने किया लहूलुहान

छह साल की एक बच्‍ची को पिट-बुल कुत्‍ते ने किया लहूलुहान

  • चेहरे पर लगे 1,000 टांके, सर्जरी के बाद भी काफी खराब है मामला

अमेरिका में छह साल की एक बच्‍ची को पिट-बुल कुत्‍ते ने नोंच डाला. लहूलुहान बच्‍ची को डॉक्‍टर के पास ले गए तो उसके चेहरे पर 1,000 टांके लगे. सर्जरी के बाद भी उसकी तबियत काफी खराब है. बच्‍ची की मां का कहना है कि उनकी बेटी न बात कर पाएगी और न उसके चेहरे पर अब कभी मुस्‍कान दिख सकेगी.

एनबीसी-एफिलिएट डब्ल्यूएमटीवी के अनुसार, पिटबुल के हमले की घटना चेस्टरविले की है, जहां 18 फरवरी को लिली नाम की बच्‍ची एक पड़ोसी के घर में एक दोस्त के साथ खेल रही थी. उस समय दोस्त की मां एक मादा पिटबुल की देखभाल कर रही थी. मौका पाते ही पिटबुल ने लिली का चेहरा नोंच खाया. इसके बाद आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल ले जाया गया. उसके माता-पिता ने बोस्टन में बच्‍ची को एक चिकित्सा केंद्र में डॉक्‍टर्स को दिखाया, जहां उसे टांके लगे.

मां ने कहा- मैं आंसू रोकने की कोशिश कर रही हूं

टांके लगने पर बच्‍ची के चेहरे की खाल तो सिल गई, लेकिन उसका चेहरा खराब हो गया. लिली की मां डोरोथी नॉर्टन ने कहा, “बेटी की यह हालात देखकर, मैं बहुत कोशिश कर रही हूं कि मैं न रोऊं, लेकिन आंसू टपक ही जाते हैं.”

उसने कहा, “लिली टेबल पर बैठी थी, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया. लिली खुद को बचाने के लिए अपने कंधों को ऊपर करने लगी, इस तरह कुत्‍ता उसकी गर्दन पर नहीं काट पाया. उसके बाद उसकी सहेली की मां बाथरूम से बाहर दौड़ी आई, क्योंकि दूसरी छोटी बच्‍ची चिल्ला रही थी, ‘मां…मां.. कुछ गड़बड़ है.’ और जैसे ही वह बाहर निकली, बच्‍ची को कुत्‍ते के चंगुल से छुड़ाया.”

गोफंडमी पर जुटाया इलाज का खर्च

नॉर्टन ने कहा कि मैं यह जानकर बहुत दुखी हूं कि सर्जरी के बाद भी लिली बात करने में सक्षम नहीं है. उसके इलाज के लिए एक एक पारिवारिक मित्र सीजे पिचर ने गोफंडमी पेज के जरिये ऑनलाइन फंड की व्‍यवस्‍था की. पिचर ने लिखा, “लिली, जो कि 6 साल की बच्‍ची है, उसकी आंखों के नीचे से ठुड्डी के नीचे तक 1,000 से अधिक टांके लगे हैं. इस बेचारी प्यारी बच्‍ची की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई है.”

डॉक्‍टर्स के मुताबिक, लिली की लार ग्रंथियां काम नहीं कर रही हैं और उसकी मांसपेशियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं. उन्होंने कहा कि यह बच्ची दोबारा मुस्कुरा नहीं पाएगी. इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट में कहा गया कि बच्ची को उसके चेहरे पर खरोंच से बचाने के लिए कम से कम एक हफ्ते तक बेहोश किया जाएगा और उसे सांस लेने की ट्यूब लगाई जाएगी.