जौनपुर। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने-वाले अरन्द गांव में शुक्रवार की दोपहर दो खूंखार तेंदुओं के देखे जाने से पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीण भय के कारण खेतों में जाने से हिचकिचा रहें हैं, और बच्चों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ग्रामीण जयसिंह गौतम, सत्यम गौतम, अभिषेक गौतम, राम भारत प्रजापति और विशर सेन गौतम ने बताया कि यह आदमखोर तेंदुआ फूलपत्ती देवी (स्व.रामकुबेर गौतम) के खेतों में घूमता देखा गया। यह वही तेंदुआ है, जिसने एक सप्ताह पहले गांव की विधवा शिला राजभर के घर घुसकर उसकी पांच बकरियों को मार डाला था। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ बकरियों को मारने के बाद उनका खून पी गया और कलेजी खा गया। बाकी शरीर को वैसे ही छोड़ दिया। इस भयानक हमले के बावजूद वन विभाग की लापरवाही बनी रही। इससे पहले भरौली गांव में भी इसी तरह के भेड़िए या तेंदुए का आतंक देखा गया था, जहां आधा दर्जन बकरियों को शिकार बनाया गया था। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार को जब दो तेंदुए एक साथ गांव में देखे गए, तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों में वन विभाग के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, तो किसी बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि त्वरित प्रभाव से विशेषज्ञ वनकर्मियों की टीम भेजकर आदमखोर तेंदुए को पकड़ा जाए और गांव की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हालांकि उस समय भी वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को जब दोबारा जानवरों के देखे जाने की खबर फैली, तो गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि जानवरों की हरकतें बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बनती जा रही हैं।
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खूंखार तेंदुए को देखा गांव में उत्पन्न है दहशत का महौल


