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ध्वनि प्रदूषण: विकास की शोर में दम तोड़ती शांति और सेहत

ध्वनि प्रदूषण आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। जौनपुर जैसे शहरों में ट्रैफिक, लाउडस्पीकर और अनियंत्रित शोर लोगों की मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं।
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किसानों ने उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंप उठाई मांग

  • हजारों की संख्या में हुजूम पहुंचा एसडीएम कार्यालय
  • किसानों के जुलूस से रक्तांभित दिखी सड़के

जौनपुर धारा,केराकत। खेत मजदूर किसान संग्राम समिति संबद्ध संयुक्त किसान मोर्चा ने स्मार्ट बिजली मीटर के नाम पर मनमाना बिजली बिल वसूलने के विरुद्ध रेलवे स्टेशन केराकत से विशाल जुलूस निकाला। जुलूस में लगभग हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, महिलाये व नौजवान शामिल होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पर धरने के रूप में तब्दील हो गया।

इस दौरान आंदोलनकारी अपने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लिये नारेबाजी करते हुए नजर आये। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक अवनीश राय टीम के साथ डटें रहे। आंदोलित में कैलाश राम, जनार्दन चौहान, मुन्ना गौड़, दयाराम सिकंदर, रामजीत साधना यादव, चंद्रकला, नम: नाथ शर्मा एडवोकेट, रामजीत, सुभाष शर्मीले, सतेंद्र विनोद, सतीश राजभर, शिवनारायण, रत्नेश व एडो.ऋषभ मेहता समेत हजारों की संख्या में किसान मजदूर, छात्र नौजवान शामिल रहे।

  • आंदोलनकरियों के जुलूस को देखने दुकानों से बाहर निकलें दुकानदार

किसानों का जुलूस सहरायबीरू चौराहा से नरहन व पुरानी बाजार, होते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। आंदोलनकरियों के विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए लोग अपने दुकानों से बाहर निकल कर सड़कों पर आ जाते थे राहगीर जहां थे वहीं ठहर गए थे लाल झंडे पर मजदूरों किसानों का प्रतिक चिन्ह हाशिया हथौड़ा राहगिरों के आकर्षण का केंद्र बन गया था मानों नगर की सड़क रक्तांभित हो गई हो इंकलाब जिंदाबाद, इत्यादि नारों से पूरा नगर गुंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो लाल क्रांति सड़कों पर दौड़ पड़ी हो। आंदोलन को नेतृत्व देने वाले लीडर जनता के साथ कदम ताल करते हुए चल रहे थे। जुलूस अपने नियत समय पर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंच महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी सुनील कुमार भारती को सौंप मांग को उठाई।

  • पूंजीवादी साम्राज्यवादी सरकारों ने जनता को कर दिया है तबाह : आशीष मित्तल

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य आशीष मित्तल ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनियां में पूंजीवादी साम्राज्यवादी सरकारों ने जनता को तबाह कर जनता के श्रम से बने संसाधनों को पूंजीपतियों कार्पोरेटरों के निजी हाथों में बेच रही हैं। देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, दमन उत्पीड़न का शिकार बन रही है, साथ देश की राज्य और केंद्र की सरकार ने पूंजीपतियों की करोड़ों लाखों का कर्ज माफ कर रही वहीं किसानों मजदूरों आम माध्यम वर्ग को वसूली के नाम पर प्रताड़ित कर रही है, लोगों की हालत ऐसी है कि वह अपने गैस सिलेंडरों में गैस तक नहीं भरवा पा रहें हैं।

  • हम सभी को अपनी नस्लों के लिए लड़ना होगा : बचाऊ राम

आंदोलन के अगुआ कामरेड बचाऊ राम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने हक की लड़ाई सतत लड़नी पड़ेगी। बीना लड़े शोषक वर्ग हमें हमारा अधिकार नहीं लेने देंगी। सरकारें जंगल जमीन खनिज खेत खलिहान सभी को आम जनता से छीनकर चंद अमीरों को बेचने पर आमादा है। हम सभी को लड़कर इसे बचना पड़ेगा। अपने लिए नहीं तो आने वाली अपनी नस्लों के लिए हमें लड़ना ही होगा इसके अलावां हमारे पास दूसरा चारा नहीं हैं।

  • प्रदर्शनकारियों ने उन्नीस सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा

प्रदर्शनकारियों ने उन्नीस सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा जिसमें स्मार्ट मीटर के नाम पर मनमाना बिलजी बिल वसूली को माफ करने, बेलगाम महंगाई पर रोक लगाने, मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 600, प्रति दिन बढाने, मजदूरों के श्रम के शोषण पर रोक लगाने, सरकारी विभागों में खाली पदों को तत्काल भरने, बढ़ती बेरोजगारी को खत्म करने, नए कृषि कानून वापस लेने, नई शिक्षा नीति को समाप्त करने, नई बिजली अधिनियम को वापस लेने, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों, संस्थानों को निजी क्षेत्रों में बेचने से रोकने जैसी मांग उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री को सौंपा।

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