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Homeअपना जौनपुरकिसान मेला में सब्जियों एवं अन्य उत्पादों का किया प्रदर्शन

किसान मेला में सब्जियों एवं अन्य उत्पादों का किया प्रदर्शन

  • अधिकारियों ने बारी-बारी से किया तमाम स्टालों का अवलोकन
  • हमेशा किसान के हित के बारे में सोचती हैं केन्द्र व राज्य सरकार : डीएम

जौनपुर धारा, जौनपुर। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत चार दिवसीय विराट किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी एवं कृषि गोष्ठी का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र बक्सा में किया गया। विराट किसान मेला में कृषि विभाग एवं इससे सम्बन्धित अन्य विभागों के द्वारा स्टाल लगाकर अपने-अपने विभागों से संचालित योजनाओं के संबंध में जानकारी तथा सब्जियों एवं अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम व अन्य अतिथियों के द्वारा बारी-बारी से स्टॉलों का अवलोकन किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। किसानों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी किसान मेले में दी जा रही जानकारी को ध्यान पूर्वक सुनते हुए अपने खेती में लागू करें। मेले में उपस्थित महिलाओं से कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन व अन्य कृषि सम्बन्धी व्यवसाय से जुडे़, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी साथ ही साथ देश की भी आमदनी बढ़ेगी क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। जिलाधिकारी ने कहा कि घर में कंपोस्ट खाद भी बन सकती हैं। केंद्र एवं राज्य की सरकार हमेशा किसान के हित के बारे में सोचती हैं। जनपद में 06 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता राशि दी जा रही है। 12000 हेक्टेयर में मिलेट्स की खेती की जा रही है। जनपद में मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हो रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि मिलेट्स की खेती पर किसान विशेष ध्यान दें, शासन की तरफ से जनपद में मिलेट्स के खरीदने के लिए क्रय केंद्र नामित कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम में कहा कि जनपद की 80प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी तभी हो सकती है जब कृषि के साथ पशुपालन, मधुमक्खी एवं मशरूम की खेती करना शुरू करें। उन्होने कहा कि जनपद मुख्यालय पर प्रत्येक माह में किसान दिवस का आयोजन किया जाता है, जहां पर किसान अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि गन्ने की खेती करना शुरू करें, गन्ना भुगतान ससमय किया जा रहा है। सभी किसानों को बताया कि नैनो यूरिया से खेती करना अत्यंत लाभदायक है जिसकी सहायता से किसान कम खर्चे में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। उपनिदेशक कृषि वाराणसी एस.एन. दूबे ने अपने अनुभवों को किसानों के मध्य साझा किया और तकनीकी खेती करने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा डॉ.सुरेंद्र कनौजिया के द्वारा किसानों को बताया गया कि बक्सा केंद्र पर किसानों के लिए अच्छी प्रजाति की नर्सरी डाली जाती है, कुक्कुट पालन भी किया जा रहा है और पराली प्रबंधन योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहे हैं।इस अवसर पर भोलानाथ मिश्र के द्वारा अपने अनुभव को साझा किया गया। उपनिदेशक कृषि हिमांशु पांडेय ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम का संचालन डिप्टी पीडी आत्मा डॉ.रमेश चंद्र यादव के द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी के.के.सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक कुमार, पशु चिकित्साधिकारी डा.पवन कुमार, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी डा.स्वाती, अमित कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख बक्शा जय प्रकाश सिंह राणा, प्रगतिशील किसान देवराज पाण्डेय, त्रिभुवन िंसह, सरिता सिंह, सन्ध्या सिंह, शुभाश्री सहित अन्य उपस्थित रहे।

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