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हैप्पी मॉडल स्कूल में मिशन शक्ति जागरूकता कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर के हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में थाना पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने की अपील की।

E-Paper 10-10-2026

Homeअपना जौनपुरअशोक वाटिका का उजड़ना रावण व हनुमान संवाद लंका दहन का हुआ...

अशोक वाटिका का उजड़ना रावण व हनुमान संवाद लंका दहन का हुआ दृश्य मंचन

जौनपुर धारा, जफराबाद। श्रीदया नारायण लीला समिति के तत्वावधान में कबूलपुर बाजार में चल रही है। रामलीला में मंगलवार की रात को कलाकारों ने  अशोक वाटिका का उजड़ना रावण व हनुमान संवाद लंका दहन दृश्य का मंचन किया गया। समिति के कलाकारों द्वारा मंचन करते हुए दिखाया गया कि हनुमान लंका पहुंच कर माता सीता की तलाश करने लगे। तलाश करते-करते अशोक वाटिका पहुंचे। वहां उन्होंने देखा की माता सीता एक पेड़ के नीचे बैठी श्रीराम से मिलने के लिए दुखी हैं। यह देख कर हनुमान माता सीता के पास गए और उन्हें श्रीराम के बारे में बताया। प्रभु श्रीराम के बारे में बताते हुए उन्होंने माता सीता को श्रीराम की अंगूठी दी और कहा श्रीराम आपको यहां से मुक्त कराने जल्द ही आएंगे। तब माता सीता ने अपना जुड़ामणि हनुमान को देते हुए कहा कि यह श्रीराम को दे देना। हनुमान ने माता सीता से कहा कि मुझे बहुत भूख लगी है। क्या मैं इस वाटिका के फल खा सकता हूं। तब माता सीता ने उन्हें आज्ञा दी वे एक पेड़ से दूसरे पेड़ कूदते हुए फल खाने लगे। कुछ पेड़ गिरा दिए। यह देखकर वहां की देखभाल करने वाले योद्धा उनको पकड़ने के लिए भागे लेकिन हनुमान ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। कुछ को मार डाला तो कुछ को घायल कर दिया। इस तरह हनुमान ने पूरी अशोक वाटिका उजाड़ दी। यह सब सुनते हुए रावण बहुत ही क्रोधित हुआ और उसने अपने पुत्र अक्षय कुमार को हनुमान का वध करने के लिए भेजा। हनुमान ने उनके पुत्र अक्षय कुमार को भी नहीं छोड़ा। उसका वध कर दिया। हनुमान को सभा में लाने के बाद उनकी मुलाकात रावण से हुई। रावण को देखकर हनुमान ने उसे बहुत अपशब्द कहे और वे हंस पड़े।यह देखकर रावण को गुस्सा आया। रावण ने हनुमान की पूंछ पर आग लगाने का आदेश दिया। हनुमान की पूंछ पर कपड़ा लपेटा जाने लगा, लेकिन उनकी पूंछ लंबी होती चली गई। राज्य का सारा तेल और कपड़ा उनकी पूंछ में ही लग गया। फिर जैसे तैसे उनकी पूंछ में आग लगा दी और उन्हें छोड़ दिया। पूंछ में आग लगते ही उन्होंने एक महल से दूसरे महल कूदते हुए पूरी लंका में आग लगा दी। राम की भूमिका दीपक चौहान, लक्ष्मण संजय यादव पान वाले, हुनमान अशोक गुप्ता, सीता मोनु गुप्ता, रावण प्रिंस श्रीवास्तव, सुग्रीव अरविंद गुप्ता, मेघनाद ज्ञानेश श्रीवास्तव, अच्छेकुमार मुन्ना गुप्ता आदि ने निभाई। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष योगेश श्रीवास्तव, अंकित श्रीवास्तव, मुकेश जायसवाल, शरद यादव सोनू, राम आसरे मिश्रा, डॉ.बद्री यादव, डॉ.विनय प्रजापति आदि लोग उपस्थित रहे।