Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें : जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Homeअपना जौनपुरnirankari mass marriage : निरंकारी सामूहिक विवाह में 96 जोड़ों ने थामा...

nirankari mass marriage : निरंकारी सामूहिक विवाह में 96 जोड़ों ने थामा एक दूसरे का दामन

जौनपुर धारा,जौनपुर। संत निरंकारी मंडल के स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा में निरंकारी सामूहिक सादा शादियों का एक ऐसा अनुपम दृश्य प्रदर्शित हुआ। जिसमें भारतवर्ष के विभिन्न राज्य बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रद्रेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त दूर देशों जिनमें आस्ट्रेलिया, यू.एस.ए.इत्यादि प्रमुख है से शामिल हुए। इसी क्रम में जनपद जौनपुर के ब्रांच त्रिलोचन, मुंगराबादशाहपुर और ब्रांच चवरी से 4 नव युगल जोड़े सामूहिक विवाह में शामिल हुए। लगभग 96नव युगल सत्गुरु माता एवं निरंकारी राजपिता के पावन हजूरी में परिणय सूत्र में बंधे तथा अपने मंगलमयी जीवन की कामना हेतु पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर निरंकारी मिशन के अधिकारीगण, वर-वधू के माता-पिता, सगे-सम्बन्धी एवं मिशन के अनेक श्रद्धालु भक्तों की उपस्थिति रहीं। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आरम्भ पारम्परिक जयमाला एवं निरंकारी शादी के विशेष चिन्ह सांझा-हार द्वारा हुआ। उसके उपरांत भक्तिमय संगीत के साथ मुख्य आकर्षण के रूप में निरंकारी लावों का हिंदी भाषा में प्रथम बार गायन हुआ। जिसकी प्रत्येक पंक्ति में नव विवाहित युगलों के सुखमयी गृहस्थ जीवन हेतु अनेक कल्याणकारी शिक्षाएं प्रदत्त थी। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह पावन आयोजन अपनी सादगी बिखेरता हुआ जाति, धर्म, वर्ण, भाषा जैसी संकीर्ण विभिन्नताओं से ऊपर उठकर एकत्व का सुंदर स्वरूप प्रदर्शित करता है। नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सतगुरु माता ने कहा कि गृहस्थ जीवन के पवित्र बंधन में नर और नारी दोनों का ही समान स्थान होता है। जिसमें कोई बड़ा अथवा छोटा नहीं अपितु दोनों की महत्ता बराबर की होती है। अंत में सतगुरु माता ने सभी नव विवाहित जोड़ों को आनंदमयी जीवन का आशीर्वाद दिया।