जौनपुर में नीट परीक्षा में धांधली के विरोध में ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों और युवाओं ने राष्ट्रपति, भारत सरकार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
छात्रों का कहना है कि नीट जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की खबरों ने लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास कमजोर किया है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
ज्ञापन में छात्रों ने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें नीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीकी सुधार शामिल हैं।
छात्रों ने मांग की कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर व्यापक सुधार किए जाएं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया कि इसे आवश्यक संस्तुति के साथ राष्ट्रपति, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और संबंधित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों तक पहुंचाया जाए।
यह ज्ञापन छात्र प्रतिनिधि लकी गौतम के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान रोशन जौनपुरिया, अमित जौनपुरिया, सतीश जौनपुरिया, चन्द्रशेखर और विकास जौनपुरिया सहित कई छात्र एवं युवा मौजूद रहे।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


