Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरबारिश के मौसम में वायरल बीमारियों का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों के यहां...

बारिश के मौसम में वायरल बीमारियों का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों के यहां लग रही लाइनें

उमस भरी गर्मी से लोग परेशान, हल्की बारिश का नहीं पड़ रहा कोई असर

जौनपुर। जनपद में अपेक्षाकृत कम बारिश और उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंखे और कूलर की हवा से भी लोगों को महज थोड़ी राहत मिल रही है। वहीं तेज धूप के कारण दिन में बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है।

लोगों को दस, बीस मिनट या आधे घंटे की हल्की बारिश से ही संतोष करना पड़ रहा है। बारिश की कमी के बीच मौसमी और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ने की बात सामने आ रही है। चिकित्सकों के यहां सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

उमस भरी गर्मी से लोग परेशान

बारिश के मौसम में अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बादल छाने के बाद लोगों को तेज बारिश की उम्मीद होती है, लेकिन कई बार कुछ ही देर की बारिश के बाद फिर उमस बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक महीने से मौसम का यही हाल बना हुआ है। सावन का महीना बीतने के बावजूद बारिश पर्याप्त नहीं हुई। मौसम विभाग की ओर से बारिश के पूर्वानुमान के संदेश आने के बावजूद कई बार अपेक्षित बारिश नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

चिकित्सकों के यहां बढ़ रहे मरीज

कम बारिश और बदलते मौसम के बीच सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात सामने आ रही है। बच्चों के चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है।

कई जगह सुबह से मरीजों के नंबर लग रहे हैं और दोपहर तक उनका नंबर आ रहा है। चिकित्सक लोगों को बाहरी खानपान से बचने और ताजा भोजन करने की सलाह दे रहे हैं।

एक घर में किसी व्यक्ति के वायरल बुखार की चपेट में आने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों के भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि बीमारी के लक्षण होने पर लापरवाही न बरती जाए और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए।

छिड़काव न होने से मच्छर जनित रोगों की चिंता

हल्की बारिश के बाद नगर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। इससे मच्छरों की संख्या बढ़ने और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से कई क्षेत्रों में नियमित छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ स्थानों पर छिड़काव कराया जाता है, जबकि कई गलियों और मोहल्लों में अभी तक छिड़काव नहीं हुआ है।

जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों की संख्या बढ़ने से लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने नालियों और जलभराव वाले स्थानों पर नियमित छिड़काव कराने की मांग की है।

कम बारिश से फसलों पर भी असर

कम बारिश का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। फसलों में पर्याप्त नमी नहीं मिलने से कई किसान चिंतित हैं। खेतों तक समय से पानी नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ फसलों के सूखने का खतरा बढ़ गया है।

किसानों का कहना है कि फसलों पर पहले ही काफी लागत लगाई जा चुकी है। ऐसे में बारिश की कमी से फसल प्रभावित होने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नमी की कमी और गर्मी के बाद अपर्याप्त बारिश के कारण पौधों के कमजोर होने की भी चिंता है। किसानों के अनुसार, कई जगह फसलों में रोग और वायरस का प्रकोप भी दिखाई दे रहा है।