जौनपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने की।
बैठक में परीक्षा कार्य में तैनात सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 तथा आयोग द्वारा निर्धारित मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि जनपद के 20 परीक्षा केंद्रों पर 3 और 4 जून को दो पालियों में टीजीटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है।
परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पूर्व केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
अनियमितता पर होगी तत्काल कार्रवाई
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नकल, अनियमितता अथवा किसी भी अवांछित गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा को शासन की मंशा के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।



