- आर्थिक सुधारों में भी था बाबा साहब का योगदान : संजय राय
- बाबा साहब की दूरदृष्टि का परिणाम है लोकतंत्र : डॉ. विनोद कुमार सिंह
- पीयू में महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबासाहेब को दी गई श्रद्धांजलि
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के 68वें महापरिनिर्वाण दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ शुक्रवार को मनाया गया।यह कार्यक्रम बाबा साहब के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने बाबा साहब के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल भारत के संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपनी शिक्षा और विचारों से एक नए समाज काr नींव रखी, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार मिल सके। वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने बाबा साहब के आदर्शों और उनके आर्थिक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बाबा साहब ने सामाजिक समरसता के लिए आर्थिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण बताया था। उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार को उनके दिखाए मार्ग पर चलकर शिक्षा और समाज सुधार में योगदान देना चाहिए। परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनोद कुमार सिंह ने बाबा साहब के व्यक्तित्व और उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वे अपने समय के सबसे बड़े विचारकों में से एक थे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि बाबा साहब के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। बाबा साहब का परिवार दिवस सभी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना। इस अवसर पर उप कुलसचिव बबीता सिंह, अमृतलाल, प्रो.बी.डी.शर्मा, प्रो.गिरिधर मिश्र, डॉ.रसिकेस, डॉ.अमरेंद्र सिंह, डॉ.धीरेंद्र चौधरी, डॉ.मंगला प्रसाद, डॉ.इंद्रजीत, डॉ.राजित राम, राज नारायण सिंह, डॉ.प्रमोद कुमार कौशिक, शील निधि सहित लोग उपस्थित रहे।


