जौनपुर। जिले में पहली बार आयोजित ‘कर्मचारी समस्या चौपाल दिवस’ ने सरकारी कर्मचारियों की आवाज को खुलकर सामने लाने का मंच दिया। विकास भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
कार्यक्रम में अलग-अलग विकास खंडों से आए कर्मचारियों ने विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। खासकर गैर-विभागीय कार्यों का बढ़ता दबाव कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आया।
योजनाओं के बोझ से परेशान कर्मचारी
चौपाल के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि सरकार की कई योजनाओं—जैसे फार्मर रजिस्ट्री, पीएम सूर्यघर योजना, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड और ग्रामीण आजीविका मिशन—में अव्यावहारिक लक्ष्य तय किए जा रहे हैं।
इन लक्ष्यों के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है और काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. प्रदीप सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यदि संगठन चुप रहता है, तो शासन-प्रशासन मनमानी करने लगता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
हर महीने होगी ‘कर्मचारी चौपाल’
इस मौके पर यह बड़ा निर्णय लिया गया कि अब हर महीने के दूसरे शनिवार को जिले में नियमित रूप से ‘कर्मचारी समस्या चौपाल दिवस’ आयोजित किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
सैकड़ों कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए इसे कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम बताया।



