जौनपुर: ब्लॉक धर्मापुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पिलखिनी में मंगलवार को फाइलेरिया लिम्फोडिमा मरीजों के लिए रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मरीजों को बीमारी से बचाव, देखभाल और उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम का आयोजन जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सीएचओ श्रीमती लक्ष्मी विश्वकर्मा, डीओ पाथ अमरेश कुमार तथा क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग किया।
मरीजों को दी गई जरूरी जानकारी
शिविर में फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों को हाथ और पैरों की नियमित सफाई, धुलाई, व्यायाम, उचित आकार के चप्पल या सैंडल पहनने, चोट एवं संक्रमण से बचाव तथा एक्यूट अटैक के प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
साथ ही मरीजों को मच्छरों से बचाव और उनके नियंत्रण के उपायों के प्रति भी जागरूक किया गया।
मच्छर के काटने से फैलती है बीमारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसका प्रमुख परजीवी वुचरेरिया बैंक्रॉफ्टी होता है। यह मच्छर आमतौर पर रुके हुए पानी में पनपता है।
बीमारी के कारण हाथ, पैर, स्तन अथवा अंडकोष में सूजन आ सकती है। कुछ मामलों में पेशाब का रंग दूधिया हो जाता है, जिसे काइलूरिया कहा जाता है।
समय पर इलाज जरूरी
विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार न मिलने पर यह बीमारी गंभीर और लाइलाज रूप ले सकती है। नियमित साफ-सफाई, व्यायाम, योग और उचित देखभाल अपनाकर इसके दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मरीजों को वितरित की गई एमएमडीपी किट
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद सभी 15 फाइलेरिया लिम्फोडिमा मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई। किट और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पाकर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया।



