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हादसों को न्योता देती बिजली विभाग की लापरवाही, फाइलों में दबी 11 हजार वोल्ट लाइनों की गर्डिंग

  • फाइलों में दबी 11,000 वोल्ट लाइनों की गर्डिंग

जौनपुर। जनपद में बिजली विभाग की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। पूरे जौनपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में दौड़ रही 11 हजार वोल्ट हाई वोल्टेज तारों के नीचे कहीं भी सुरक्षात्मक गर्डिंग नहीं लगाई गई है। विभाग की यह सुस्ती किसी बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दे रही है।

घनी आबादी वाले इलाकों, व्यस्त बाजारों और तंग गलियों के ऊपर से गुजर रहे ये हाई वोल्टेज तार हर समय खतरा बने हुए हैं।

प्रमुख बाजारों और शाही पुल पर बढ़ा खतरा

शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक स्थलों की तस्वीरें बिजली विभाग के दावों की पोल खोल रही हैं। चहारसू चौराहा, ओलन्दगंज, बदलापुर पड़ाव और जेसिज चौराहा जैसे इलाकों में सुबह से देर रात तक हजारों लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन वहां हाई वोल्टेज लाइनों के नीचे कोई सुरक्षा गर्डिंग नहीं लगाई गई है।

इसी तरह जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहर शाही पुल पर भी बिना किसी सुरक्षा जाल के हाई वोल्टेज तार खुलेआम लटक रहे हैं। इन स्थानों पर हर समय राहगीरों और दुकानदारों के सिर पर खतरा मंडराता रहता है।

फाइलों में दबा विभाग का प्रस्ताव

इस संवेदनशील मामले पर कुछ महीने पहले विभाग में हलचल जरूर हुई थी। तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने दावा किया था कि जिले के संवेदनशील और मुख्य स्थानों को चिन्हित कर 11 हजार वोल्ट लाइनों के नीचे गर्डिंग लगाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।

हालांकि महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर कहीं कोई काम शुरू नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि विभाग का यह प्रस्ताव केवल फाइलों तक सीमित होकर रह गया।

गर्डिंग क्यों है जरूरी?

बिजली विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों के ऊपर से गुजरने वाली हाई वोल्टेज लाइनों के नीचे गर्डिंग लगाना जरूरी होता है। यह लोहे का मजबूत सुरक्षा जाल होता है, जो तार टूटने की स्थिति में उसे सीधे जमीन या लोगों पर गिरने से रोकता है।

तार टूटते ही वह गर्डिंग पर गिरता है और ट्रिपिंग सिस्टम के जरिए बिजली सप्लाई तुरंत बंद हो जाती है। इससे करंट फैलने और जान-माल के नुकसान का खतरा काफी कम हो जाता है।

लोगों ने जताई नाराजगी

स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि चहारसू चौराहा, शाही पुल, ओलन्दगंज, बदलापुर पड़ाव और जेसिज चौराहा जैसे इलाकों में आए दिन शॉर्ट सर्किट और जर्जर तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं।

लोगों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर जल्द से जल्द सुरक्षा गर्डिंग लगाने का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।ना का इंतजार कर रहा प्रशासन! स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि चहारसू चौराहे और शाही पुल, ओलन्दगंज, बदलापुर पड़ाव, जेसिज चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों में आए दिन शॉर्ट सर्किट या जर्जर तारों के टूटने की घटनाएं होती रहती हैं। अगर समय रहते गर्डिंग की व्यवस्था कर दी जाए, तो नगर में होने वाली किसी भी बड़ी अनहोनी या जान-माल के नुकसान को आसानी से टाला जा सकता है। जनता ने अब जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर जल्द से जल्द सड़कों पर गर्डिंग का काम शुरू कराया जाए।

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