Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन

जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
Homeअपना जौनपुरJaunpur Dhara News : डीएम ने मारा एनएचआई कार्यालय पर छापा

Jaunpur Dhara News : डीएम ने मारा एनएचआई कार्यालय पर छापा

  • भारी पैमाने पर घोटाले की संभावना, एक शिक्षक व 3 राजकीय कर्मी भी जद में
  • दफ्तर को भी किया गया सीज, मचा हड़कंप

जौनपुर धारा, जौनपुर। जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एनएचआई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार व भारी पैमाने पर गोलमाल की सटीक शिकायत पर आज गुरुवार की देरशाम डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने एनएचआई प्रभारी मुख्य राजस्व अधिकारी व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया, करीब तीन घन्टे तक आफिस को अन्दर से लाक कर डीएम द्वारा की गई जांच में यहां पर करोणो के घोटाले की संभावना होने से इन्कार भी नही किया जा सकता। फिलहाल जांच-पड़ताल अभी पूरी नहीं हुई है। इसीलिए डीएम ने एनएचआई कार्यालय को सीज कर दिया है। अभी दो तीन दिन गहन जांच पड़ताल के बाद गंभीर वित्तीय अधिनियमिता उजागर होगी। इस संबंध में डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जांच करने के बाद मीडिया से बताया कि जिले में भ्रष्टाचार और घोटले बाजी को रोकने के लिए औचक निरीक्षण का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। हमे एनएचआई मे भ्रष्टाचार व घोटालेबाजी की शिकायत मिली थी, उसी के तहत हमने एनएचआई प्रभारी सीआरओ के साथ औचक निरीक्षण किया। यहां पर लगभग तीन घन्टे तक फाइलो को खंगाला और देखा कुछ संदिग्ध फाइले मिली है जो तहसील से नियमानुसार नहीं आई है। जिसे यहीं पर फर्जी तरीके से बना कर फर्जी पेमेंट करने का प्रयास था। इसकी डिटेल की जांच होगी। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि आखिर फर्जी फाइल क्यों बनाई गई यह तो जांच का विषय है। डीएम ने माना कि यहां पर बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है, और इसमें एक शिक्षक व तीन राजकीय अधिकारी /कर्मचारी शामिल है। डीएम ने बताया कि यहां के भ्रष्टाचार और घोटालेबाजी के साथ फर्जीवाड़े में एनएचआई में एक शिक्षक समेत03 राजकीय अधिकारी व कर्मचारी शामिल है। जिनका नाम सन्तोष तिवारी, हिमान्सू श्रीवास्तव, अनिल क्लर्क, और बीएसए कार्यालय का टीचर राहुल सिंह है। इन सभी के मिली भगत से सभी फर्जीवाड़े हो रहे है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीआरओ को निर्देशित किया गया है कि दो अमीन को तत्काल कलेक्ट्रेट में अटैच किया जाये। कम्प्यूटर अपरेटर की शिकायत के सवाल पर डीएम ने बताया कि उसकी भी भूमिका संदिग्ध है। वह यहां के भ्रष्टाचार का हिस्सा है आपसी मनमुटाव के कारण पोल खुल गई है, और भ्रष्टाचार सामने आ गया है। सभी एक काकस बना कर घोटाले कर रहे थे। डीएम ने कहा कि इस विभाग के बड़े अधिकारी के भूमिका की जांच होगी भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाये जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।

Previous article
Next article