जौनपुर के विद्युत विभाग खंड चतुर्थ बक्सा के अंतर्गत उपखंड प्रथम में बिजली बिल राहत योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के बकाया बिल बेहद कम राशि में निपटाए गए।
दो लाख बकाया 60 रुपये में निपटाने का आरोप
सिद्दीकपुर निवासी उपभोक्ता रामभुवन सिंह के खाता संख्या 3039789000 पर कई वर्षों से 1 लाख 91 हजार 456 रुपये बकाया था। बताया गया कि सरकार की विद्युत बिल राहत योजना 2025 के तहत छूट के बाद 82 हजार 195 रुपये जमा करना था।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता ने 30 दिसंबर 2025 को दो हजार रुपये जमा कर पंजीकरण कराया था।
अवैध वसूली का आरोप
आरोप है कि इसके बाद एक अधिकारी ने अतिरिक्त छूट दिलाने का लालच देकर उपभोक्ता को कार्यालय बुलाया और 60 हजार रुपये अवैध रूप से ले लिए।
इसके बाद पुराने कनेक्शन को पीडी (अस्थायी विच्छेदन) दिखाकर मात्र 60 रुपये की रसीद काट दी गई।
नए कनेक्शन जारी करने पर सवाल
बताया जा रहा है कि उसी नाम से बिना जांच-पड़ताल नया कनेक्शन भी जारी कर दिया गया, जिसका खाता संख्या 0649921064 बताया गया है।
अन्य मामलों की भी चर्चा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मल्हनी-आदमपुर पावर हाउस क्षेत्र में भी एक दर्जन से अधिक मामलों में पीडी और शिफ्टिंग के नाम पर इसी तरह की गड़बड़ियां की गई हैं।
जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच होने पर बड़े घोटाले के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।



