स्टार्टअप और उद्यमिता पर हुई चर्चा, विद्यार्थियों को नवाचार से समाधान विकसित करने की दी जानकारी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज को लेकर बुधवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के अनुसार कार्यक्रम के लिए 396 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया, जबकि 101 विद्यार्थियों ने अपने नवाचारी विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े अवसरों के साथ इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
समस्या पहचान से समाधान तक की प्रक्रिया समझाई
इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को नवाचार की प्रक्रिया और समस्या आधारित समाधान विकसित करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी समस्या की पहचान कर उसके व्यावहारिक समाधान को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सकता है। आगे यही समाधान प्रोटोटाइप, उत्पाद या सेवा के रूप में स्टार्टअप का आधार बन सकता है।
उन्होंने बिजनेस मॉडल, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन, तकनीकी विकास और फंडिंग से जुड़े पहलुओं पर भी जानकारी दी। विद्यार्थियों से आसपास की सामाजिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके टिकाऊ समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
प्रतियोगिता की प्रक्रिया की दी जानकारी
कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नितेश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार के इनोवेशन चैलेंज की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन और आइडिया प्रस्तुत करने के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगिता में भाग लेने और अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि नवाचारी विचारों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने के साथ उन्हें व्यावहारिक समाधान के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम के अंत में प्रो. रजनीश भास्कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार, डॉ. सुशील कुमार समेत विभिन्न संकायों एवं संस्थानों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


