टेस्ट सीरीज की शुरुआत की थी जिसका शानदार नतीजा शुरुआती दो टेस्ट मैचों में देखने को भी मिला था, ऐसे में तीसरे टेस्ट मैच में मानो हर मौका टीम इंडिया के हाथों से निकलता ही गया. बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच शायद ही भारतीय कप्तान और भारतीय टीम भुला पायेगी ऐसा इसलिए क्योंकि अपनी सरजमी पर भारतीय टीम (Team India) ने जिस अंदाज में इस टेस्ट सीरीज की शुरुआत की थी जिसका शानदार नतीजा शुरुआती दो टेस्ट मैचों में देखने को भी मिला था. ऐसे में तीसरे टेस्ट मैच में मानो हर मौका टीम इंडिया के हाथों से निकलता ही गया.1. इंदौर के होलकर स्टेडियम के पिच (Holkar Stadium Pitch) को लेकर भारतीय टीम की पहली पारी के दौरान आलोचना हुई थी, पिच को पहले बल्लेबाज़ी के लिए लाल मिट्टी से तैयार करने की खबर थी, लेकिन पिच पर पहले ही दिन इतना टर्न देखकर हर कोई हैरान था और टीम इंडिया की पहली पारी मात्र 109 रनों पर सिमट गई थी 2. टीम इंडिया की ओपनिंग साझेदारी भी फेल रही कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने केएल राहुल (KL Rahul) की जगह शुबमन गिल (Shubman Gill) को टीम में शामिल किया लेकिन गिल का बल्ला भी दोनों ही पारियों में खामोश रहा.3. टीम इंडिया की बल्लेबाज़ी दोनों ही पारियों में बुरी तरह से फ्लॉप रही, ओपनिंग से लेकर मिडिल आर्डर के क्रम के किसी भी बल्लेबाज़ ने टिक कर बल्लेबाज़ी नहीं की, हालांकि पुजारा ने दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया था लेकिन वो टीम के जीत के लिए काम न आ सकी.4. टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली का दोनों ही पारियों में फ्लॉप रहना टीम इंडिया के लिए बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा सकता हैं, विराट टेस्ट मुकाबलों में किस कदर जूझ रहे हैं ये इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है की पिछले 15 पारियों में विराट के बल्ले से अर्धशतक भी नहीं आया है.5. आलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल (Axar Patel) ने दो पारियों में 12 / 15 रन बनाकर नाबाद रहे, तो गेंदबाज़ी में उन्हें पहली पारी में सिर्फ 13 ओवर डालने का मौका मिला और उनके हाथ कोई विकेट भी नहीं लगा, कप्तान हित शर्मा ने टीम में अक्षर पटेल को शामिल जरूर किया, लेकिन टीम के लिए इंदौर के होलकर स्टेडियम में अक्षर पटेल की जगह कुलदीप यादव जैसा गेंदबाज़ एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता था.ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए मिले 76 रन के लक्ष्य को 18.5 ओवर में एक विकेट गंवा कर हासिल कर लिया. टीम के लिए ट्रेविस हेड ने दूसरी पारी में सबसे ज्यादा नाबाद 49 रन बनाये। मार्नुस लाबुशेन ने नाबाद 28 रन का योगदान दिया.इस मुकाबले को गंवाने के बाद भी चार मैचों की श्रृंखला में भारतीय टीम 2-1 से आगे है.
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