- एफआईआर और चार्जशीट के बाद भी विभाग मौन
शेर बहादुर यादव
सिकरारा। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पुलिस विभाग में भर्ती होने के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एक सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद अब तक विभागीय कार्रवाई न होने पर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी मीरजापुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि जौनपुर निवासी संदीप तिवारी ने स्वयं को स्वतंत्रता सेनानी का नाती बताकर आरक्षण का लाभ लिया और पुलिस विभाग में भर्ती हो गया। इस संबंध में लालगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी सिपाही वर्तमान में जौनपुर के सिकरारा थाने में तैनात है। ऐसे में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिकों के मामलों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है, लेकिन जब मामला अपने ही विभाग से जुड़ा हो तो प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, पूरे मामले में उच्च अधिकारियों की भूमिका और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



