- संविधान और लोकतंत्र की बात जब-जब होगी, बाबा साहब का नाम प्रमुखता से लिया जाता रहेगा : नीरा
- छितौना गांव में महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबासाहेब को दी गई श्रद्धांजलि
जौनपुर धारा, केराकत। स्थानीय क्षेत्र के छितौना गांव में स्थित पंचायत भवन पर बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस रिटायर्ड फौजी सुबाष यादव की अध्यक्षता में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ शुक्रवार को मनाया गया। उपस्थित लोगो ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया। तत्पश्चात सौहार्द फेलो नीरा आर्या ने मौजूद सभी को संविधान की प्रस्तावना की प्रति देकर शपथ दिलाते हुए बताया कि भारत में जब-जब संविधान और लोकतंत्र की बात होती है। तो बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है यही वो दिन है जब भारत के संविधान निर्मात्ाा,समाज सुधारक और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले अम्बेडकर का 1956 में निधन हुआ था। डॉ.अम्बेडकर की महान आत्मा की शांति और उनकी अमूल्य सेवा को सम्मानित करने के लिए महापरीनिर्वाण दिवस मनाया जाता है, साथ ही कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक समरसता के लिए आर्थिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण बताया था। वहीं मौजूद मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान ममता यादव ने बाबा साहब के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल भारत के संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। बाबा साहब ने अपनी शिक्षा और विचारों से एक नए समाज की नींव रखी, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार मिल सके। संविधान निर्माता और सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा साहब ने वंचित समाज के उत्थान के लिए जो प्रयास किए वे सदैव अनुकरणीय रहेंगे।आज हम जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जी रहे हैं, वह बाबा साहब की दूरदृष्टि का परिणाम है। इसलिए हम सभी को बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। इस अवसर पर संजय सरोज, रूपेश शर्मा, राजकुमार,मुनीब, सु नील, आकाश,दीपू व सुजीत समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


