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Homeअंतर्राष्ट्रीयकम होने का नाम नहीं ले रहीं इमरान खान की मुश्किलें

कम होने का नाम नहीं ले रहीं इमरान खान की मुश्किलें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं. उन पर पाकिस्तान में 9 मई को हुई हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. उन्हें कुल 6 मामलों में नामांकित किया गया है. खास बात यह है कि इमरान खान को जिन छः मामलों में नामांकित किया गया है, उनमें आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत तीन मामले शामिल हैं. 

इमरान खान का नाम जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू), सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले और मेट्रो स्टेशन पर आगजनी की घटना में आया है. गौरतलब है कि इमरान खान के समर्थकों ने कथित तौर पर 9 मई को रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के जीएचक्यू के दरवाजे तोड़ दिए थे, जिसे देश की सेना ने काला दिन करार दिया है. द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान के खिलाफ तीन मामले 9 मई को और अन्य तीन 10 मई को आतंकवाद विरोधी अधिनियम (एटीए) के तहत दर्ज किए गए हैं. संयुक्त जांच दल (जेआईटी) सभी मामलों की जांच कर रही है. बता दें कि पिछले साल अप्रैल में सत्ता से बाहर होने के बाद से इमरान खान कथित तौर पर देश भर में 150 मामलों का सामना कर रहे हैं. गौरतलब है कि 9 मई को इमरान खान के गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद उनकी पार्टी के समर्थकों ने लाहौर में कोर कमांडर हाउस पर भी हमला किया. जहां इमरान समर्थकों ने कोर कमांडर हाउस में जमकर तोड़फोड़ मचाया. मालूम हो कि कोर कमांडर हाउस को जिन्ना हाउस के नाम से जाना जाता है, जो कभी कायद-ए-आजम मुहम्मद अली जिन्ना का निवास हुआ करता था. 9 मई को हुए हिंसा में 20 से अधिक नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला हुआ था, जिसमें 10 से अधिक लोग मारे गए थे. हालांकि जब हिंसा हुई तब खान हिरासत में थे.

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