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52 लाख रुपये लागत, 20 फीट लंबा, ये है दुनिया का सबसे बड़ा ‘रामपुरी चाकू’

रामपुर. उत्तर प्रदेश के रामपुर में नैनीताल रोड पर दुनिया का सबसे बड़ा चाकू स्थापित किया गया है. जिस चौराहे पर यह चाकू लगाया गया है, उसका नाम चाकू चौराहा रखा गया है. दुनिया के इस सबसे बड़े चाकू और चौराहे को बनाने में करीब 52 लाख रुपये की लागत आई है. यह करीब 20 फीट लंबा चाकू है. पीतल और स्टील धातु से यह चाकू रामपुर विकास प्राधिकरण ने बनवाया है. नैनीताल आने जाने वाले पर्यटकों को यह चाकू अपनी और आकर्षित करेगा. साथ ही रामपुर में भी इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

दरअसल, रामपुर का चाकू कभी पूरी दुनिया में अमिट पहचान रखता था. लेकिन समय के साथ चाकू उद्योग से जुड़े लोगों में कमी आती गई. परंपरागत उद्योगों को पुनर्जीवित करने और नए उद्योगों की स्थापना के साथ रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की सरकार की मंशा को जिला प्रशासन लगातार अमलीजामा पहना रहा है. दुनिया के सबसे बड़े चाकू का उद्घाटन भाजपा सांसद घनश्याम लोधी, शहर विधायक आकाश सक्सेना, मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह डीएम रामपुर रविन्द्र मादंड ने संयुक्त रूप से किया. सांसद घनश्याम सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में जब से योगी जी ने बागडोर संभाली है, तब से उत्तर प्रदेश निरंतर उन्नति के शिखर पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज चाकू अच्छे हाथों में है तो उसका प्रयोग भी अच्छा हो रहा है. पर्यटकों के लिए रामपुर का यह चाकू चौराहा विशेष पहचान बनेगा और इसी प्रकार अलग-अलग थीम के साथ जिले के अन्य चौराहों को सजाने का कार्य किया जा रहा है. रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि रामपुरी चाकू को कभी डर के रूप में जाना जाता था परंतु योगी जी की सरकार ने इस डर के प्रतीक चाकू को शिल्प का रूप देने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि शासन स्तर से चाकू उद्योग के लिए लाइसेंस से छूट और जीएसटी के दायरे से बाहर रखने के लिए भी विचार किया जा रहा है. रामपुर को नए रामपुर के रूप में आगे बढ़ाना है और इसके लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है. चाकू रामपुर की पहचान ही नही यहां के शिल्प और आजीविका की पहचान भी है. मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े चाकू को तैयार कराने की बुनियाद काफी पहले रखी गई थी. यह चाकू रामपुर की सिर्फ पहचान ही नहीं, बल्कि यहां के शिल्प और आजीविका की पहचान भी है. रामपुर में चाकू का हुनर विश्व के प्राचीन चाकू हुनर में से एक है. इस चाकू की स्थापना का उद्देश्य जिले में चाकू उद्योग को प्रोत्साहित करना है तथा इससे जुड़े लोगों को आजीविका के संसाधनों से जोड़ते हुए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर जोर देना है. रामपुरी चाकू को आकर्षण का केंद्र बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में बिलासपुर मार्ग पर चौराहा तैयार कराया गया. इस चाकू चौराहे पर 6.10 मीटर लंबी पीतल और स्टील की मिश्र धातु से विशालकाय चाकू स्थापित कराई गई है. चाकू के साथ-साथ चौराहे पर चारो तरफ फोकस लाइट, शाम के वक्त बैठने के लिए बेंच, आकर्षण के दृष्टिगत घास और अन्य पौधे लगाए गए हैं. इस चाकू चौराहे को तैयार करने में 52.52 लाख रुपए से अधिक की लागत आई है. चाकू चौराहे पर 16 लाख रुपये से हाई मास्ट लाइट और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए हैं.

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