- संस्कार भारती, राज्य ललित कला अकादमी व उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी ने किया था आयोजन
जौनपुर धारा, जौनपुर। संस्कार भारती व राज्य ललित कला अकादमी तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक तत्वावधान में आयोजित 20 दिवसीय चित्रकला एवं कथक प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह नगर के नगर के एक होटल में पूरी भव्यता के साथ शनिवार की रात संम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि मंच के राष्ट्रीय महामंत्री कमलेश मौर्य ‘मृदु’, विशिष्ट अतिथि डॉ. स्मिता श्रीवास्तव व कार्यक्रम अध्यक्ष संस्कार भारती के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश मिश्र ने कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के चित्र पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्वलित कर किया। संस्कार भारती के संस्थापक पद्यश्री योगेंद्र ‘बाबा’ की प्रथम पुण्यतिथि पर उनको सभी ने पुष्पांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ संस्कार भारती ध्येय गीत से हुआ इसके पश्चात बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यक्रम अध्यक्ष द्वारा किया गया और उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। चित्रकला प्रशिक्षक नवीन विश्वकर्मा ने सम सामयिक विषयों पर बच्चों द्वारा चित्रांकन कराया गया। सभी ने बच्चों के प्रयास की भूरि भूरि प्रसंशा की। कथक प्रशिक्षण प्राप्त छोटे बच्चों द्वारा गणेश वंदना, तत्कार, हस्तक, तोड़ा टुकड़े व कृष्णा वंदना की प्रस्तुतियां की गयी। वरिष्ठ वर्ग की बालिकाओं ने कथक नृत्य की विभिन्न विधा का प्रदर्शन किया जिसमें दुर्गा स्तुति, हस्तक आमद, चक्करदार तोड़ा, तिहाई की प्रस्तुति दी गई। इतने कम समय में बच्चो की मनोहारी प्रस्तुति देखकर सभी लोग आनंदित हो उठे। वादक कलाकार शिवाजी द्वारा ‘तेरी मंद मंद मुस्कानिया’ व ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नयना मिला के’ गाकर दर्शकों को मुग्ध कर दिया। अनुराधा भाटिया द्वारा शिव वंदना व बच्चों द्वारा ‘फेरों न नजर से नजरिया’ गीत पर सुन्दर कथक नृत्य की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम के अंत में ब्रज की होरी कथक गुरु रोमा अधिकारी व बच्चों ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में दोनों कला गुरु रोमा अधिकारी व नवीन विश्वकर्मा को कार्यक्रम अध्यक्ष ने अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। संस्थाध्यक्ष व महामंत्री ने कार्यक्रम अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, मुख्यातिथि कमलेश मौर्य ‘मृदु’ व विशिष्ट अतिथि डॉ. स्मिता श्रीवास्तव को अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कार भारती द्वारा संस्कार क्षम कार्यक्रमों का आयोजन होने से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से भली भांति परिचित हो सकेगी। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों की अंतर्निहित प्रत्िाभाओं में निखार आता है। आभार ज्ञापन अमित गुप्त ने किया। कार्यक्रम का समापन वंदेमातरम गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विष्णु कुमार गौड़ ने किया। कार्यक्रम में संस्था के प्रांतीय महामंत्री सुजीत, संरक्षक रविन्द्रनाथ, विभाग संयोजक कमलेश, अमित श्रीवास्तव, अध्यक्ष डॉ. ज्योतिदास, महामंत्री अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजकमल, डॉ. रामसूरत मौर्य, डॉ. रजनीश श्रीवास्तव, डा. मनमोहन, डॉ. शैली मोहन निगम, डॉ. प्रियंका चौहान, श्याम मोहन अग्रवाल व अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष अस्थाना, मधुलिका अस्थाना, ज्योति श्रीवास्तव, राजेश किशोर, बालकृष्ण, अरुण केसरी, अवधेश श्रीवास्तव, शिव नारायण, सुप्रतीक, आकाश सेठ, आशीष जायसवाल, आशीष साहू, प्रेम प्रकाश मिश्र का विशेष योगदान रहा।


