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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन

जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
Homeअपना जौनपुरसिकरारा-मड़ियाहूं ब्लॉक में शौचालय के सफाई व्यवस्था की पोल खोलती एक रिपोर्ट

सिकरारा-मड़ियाहूं ब्लॉक में शौचालय के सफाई व्यवस्था की पोल खोलती एक रिपोर्ट

साफ-सफाई छह महीने में एक बार!

शेरबहादुर यादव

जौनपुर। मड़ियाहूं ब्लॉक अन्तर्गत कुंभ ग्रामसभा से एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। यहां के सामुदायिक शौचालय में सफाई छ: महीने में केवल एक बार की जाती है। यह जानकारी स्वयं शौचालय की केयरटेकर महिला ने दी, उनका सा$फ कहना है कि जब उन्हें छह महीने में एक बार वेतन मिलता है, तभी वह सफाई का कार्य करती हैं।

  • ग्राम प्रधान बोले : ‘शौचालय टकाटक है’

इस मामले को लेकर जब ग्राम प्रधान से बातचीत की गई तो उन्होंने दावा किया कि सामुदायिक शौचालय पूरी तरह साफ-सुथरा और व्यवस्थित है। लेकिन ज़मीनी हकीकत उनके दावे से बिल्कुल उलट है। इससे साफ जाहिर होता है कि ग्राम प्रधान की निगरानी और जि़म्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।

  • सरकारी धन का हो रहा है बंदरबांट?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के बावजूद, फंड के बंदरबांट से ज़मीनी लाभ नहीं मिल पा रहा है। शौचालय निर्माण व रखरखाव में करोड़ों की धनराशि खर्च हो चुकी है, लेकिन सफाई की व्यवस्था राम भरोसे है।

  • एडीओ पंचायत का दावा : ’99’ शौचालय चालू’

ब्लॉक स्तर पर जब एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार से बात की गई तो उन्होंने दावा किया कि मड़ियाहूं ब्लॉक के 99′ सामुदायिक शौचालय चालू हालत में हैं। लेकिन कुंभ ग्राम की स्थिति इस दावे को पूरी तरह खारिज करती है।

  • मुख्य सवाल यह है…
  • अगर फंड नियमित आ रहा है, तो सफाई क्यों नहीं हो रही?
  • छह महीने में एक बार वेतन देना क्या योजनाओं की सफलता को दर्शाता है?
  • ग्राम प्रधान के दावे और ज़मीनी सच्चाई में इतना अंतर क्यों?

यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन जैसे महत्वपूर्ण अभियान की साख को भी चोट पहुंचाता है। जरूरत है ज़मीनी स्तर पर सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की।