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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
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शादी के दिन ही पिता की मौत से शादी की खुशियां गम में बदला

उत्तराखंड-(दुःखद) 4 दिन बाद थी बेटी की शादी, निमंत्रण देने गए पिता की मौत,  खुशियां मातम में बदली - Khabar Pahad

जौनपुर धारा,मुंगराबादशाहपुर। लड़की की बारात घर पर पहुंची ही थी कि लड़की के पिता ने आगे बढ़कर बारातियों की अगवानी किया। जैसे ही द्वारचार शुरू हुआ कि इसी बीच खुशी में डूबे पिता की अचानक तबीयत खराब होने लगी। आनन-फानन में परिजन प्रयागराज ले जा रहे थे कि रास्ते में ही पिता की मौत हो गई। बताते हैं कि मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के पड़ोस गांव चकअपराध निवासी पूर्व ग्राम प्रधान सुरेन्द्र यादव के यहां गुरुवार को बारात आ रही थी। इनकी मिठाई और नाश्ते की काफी पुरानी दुकान मुंगरा बादशाहपुर के पुरऊपुर में है। सुबह से ही सभी तैयारियां चल रही थी। लोगों का आवाजाही भी लगा था। सरायफत्तू निवासी दूल्हा अमरेश यादव शाम को करीब 6 बजे गाजे बाजे के साथ बारात लेकर दरवाजे पर पहुंचा। लड़की के पिता सुरेन्द्र यादव ने प्रसन्नता पूर्वक बारातियों का भव्य स्वागत किया। हंसी-खुशी के माहौल में शादी की रस्म पूरी की जा रही थी। द्वारचार के समय दूल्हन शीला के पिता सुरेन्द्र यादव की एकाएक तबीयत खराब होने लगी। मौजूद लोगो के साथ ही स्वजनों ने अबिलम्ब प्रयागराज ले जाने की तैयारी करने लगे। परिजन प्रयागराज ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत की खबर आ गई। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। शादी की खुशियों अचानक गम में बदल गया। दूल्हन शीला बदहवास हो कर गिर पड़ी। मौजूद लोगों ने किसी तरह से उसे सम्भाला। गांव के लोगो के साथ ही रिश्तेदारो के सक्रियता से तत्काल शादी की शेष रस्में सादे माहौल में निभाई गई। गमगीन माहौल में विवाह की रस्म पूरी कराई गई।