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Homeउत्तर प्रदेशविदेशों तक फैली है 5 इत्र महक, करोड़ों का है व्यापार

विदेशों तक फैली है 5 इत्र महक, करोड़ों का है व्यापार

खुश्बू का नाम लेते ही सभी के जहन में इत्र नगरी के नाम से जाने जानी वाली नगरी कन्नौज का नाम में सबसे पहले आता है.ऐसे में कन्नौज केटॉप 5 इत्र जिनकी देश विदेशों तक खुशबू फैलती है. पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में भी उनके जैसी खुशबू कहीं और नहीं मिलती. कन्नौज की पहचान और मान बढ़ाने में टॉप फाइव इत्र देते हैं अहम भूमिका. टॉप 5 में सबसे पहले गुलाब का इत्र फिर बेला, मिट्टी, मेहंदी और शमामा का इत्र आता है. यह सभी इत्र कन्नौज में बनाये जाते है. देश के साथ-साथ विदेशों में भी इन इत्रों की खुशबू फैली हुई है. दुबई, फ्रांस, यूके और गल्फ देशों में इन इत्रों की बहुत ज्यादा मांग होती है.जिसमें शमामा सबसे ज्यादा प्रयोग में आता है. इत्र की अगर कीमत की बात करी जाए तो अकेले गुलाब की रूह ही इतर 15 से 20 लाख रुपए किलो तक में आता है.ऐसे ही लगभग सभी इत्र लाखों रुपए लीटर में अपनी क्वालिटी के हिसाब से बनाये जाते हैं. यह सभी इत्र ऑर्डर देने पर बनाए जाते हैं.जिसको जिस तरह की क्वालिटी चाहिए होती है, उसी के आधार पर इसका मानक और पैसा होता है. इत्र व्यापारी बताते हैं कि कन्नौज में बनने वाला गुलाब की रूह का इत्र सबसे महंगा और सबसे अच्छा सुगंध देने वाला होता है.उसके बाद बेला और फिर मिट्टी मेहंदी,शमामा के इत्र आते हैं.यह सभी इत्र कन्नौज में ही तैयार किए जाते हैं.देश के साथ-साथ विदेशों में भी इनकी सप्लाई होती है.कन्नौज में करीब 5000 लोग इस व्यापार से जुड़े हैं.लगभग सभी के यहां सभी इत्र बनाए जाते हैं.छोटे बड़े कारोबार की अगर बात करी जाए तो इसकी संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है.ऐसे में इन इत्रों का महीनों में करोड़ों रुपए का कारोबार होता है.