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ध्वनि प्रदूषण: विकास की शोर में दम तोड़ती शांति और सेहत

ध्वनि प्रदूषण आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। जौनपुर जैसे शहरों में ट्रैफिक, लाउडस्पीकर और अनियंत्रित शोर लोगों की मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं।
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रेलकर्मचारियों को दिया गया जीपीएस उपकरण

जौनपुर धारा, गोरखपुर। ठंड के मौसम में संरक्षित, सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने में सहायक, ट्रैक मेन्टेनेन्स कर्मचारियों के लिए आधुनिक प्रोटेक्टिव एवं ट्रैकिंग उपकरण जैसे जी.पी.एस ट्रैकर एवं शीतकालीन पेट्रोलिंग हेतु आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराया गया है।

रेल लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जी.पी.एस.) उपकरण उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से पेट्रोलमैन के लोकेशन की जानकारी मिलती है। जी.पी.एस. ट्रैकर से पेट्रोलमैनों की मॉनिटरिंग आसान हो गयी है। इस उपकरण में शार्टकट बटन होते हैं, सम्बन्धित बटन दबाते ही रेलवे कंट्रोल, पी.डब्लू.आई. व वरिष्ठ अधिकारियों को मैसेज मिलता है। जिसके आधार पर सम्बन्धित अधिकारी इस डिवाइस पर कॉल कर वस्तुस्थिति से अवगत हो सकते हैं। पेट्रोलमैनों की मॉनिटरिंग ip3.rilapp.com वेबसाइट के माध्यम से की जाती है। इस ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पेट्रोलमैन के रियल टाइम लोकेशन, पेट्रोलिंग गति इत्यादि निकाल सकते हैं। यह व्यवस्था पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मण्डलों लखनऊ, वाराणसी एवं इज्जतनगर में क्रियाशील है, जिसमें लखनऊ मण्डल में 771 एवं इज्जतनगर मण्डल में 646 तथा वाराणसी मण्डल में 933 सहित कुल 2350 जी.पी.एस. ट्रैकर से पेट्रोलमैनों  की निगरानी की जा रही है। 

शीतकालीन पेट्रोलिंग हेतु सभी पेट्रोलमैनों को पी.पी.ई. किट जिसमें सेफ्टी हेलमेट, माइनर लाइट, सेफ्टी शूज, हाई विजिविलटी विन्टर जैकेट, लूमिनिअस वेस्ट, टूल किट बैग (10 फाग सिगनल, ट्राई कलर टार्च, दो झण्डी लाल एवं हरा, तीन सेल इलेक्ट्रिक टार्च, नम्बर प्लेट, स्पैनर, पेट्रोल चार्ट) आदि शीतकालीन पेट्रोलिंग कर्मचारियों को दी जाती है। इन उपकरणों से पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के घटना होने पर त्वरित कार्यवाही की जा सकती है।

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