जौनपुर। जिले में यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयासों के बावजूद रोडवेज कर्मियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर के सबसे व्यस्त जेसीज चौराहे पर रोडवेज बसों का अवैध जमावड़ा और कर्मियों का अभद्र व्यवहार आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
कप्तान की चेतावनी बेअसर
दो दिन पहले पुलिस कप्तान (एसएसपी) ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने साफ कहा था कि चौराहे पर बसों का अवैध ठहराव ही जाम की मुख्य वजह है। साथ ही सख्त निर्देश दिए गए थे कि बसें केवल डिपो में ही खड़ी हों।
लेकिन 48 घंटे के भीतर ही हालात फिर पहले जैसे हो गए, जिससे प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठने लगे हैं।
मना करने पर करते हैं अभद्रता
जब ट्रैफिक पुलिस या आम लोग बस चालकों को चौराहे पर वाहन खड़ा करने से रोकते हैं, तो कई बार रोडवेज कर्मी गाली-गलौज और झगड़े पर उतर आते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ कर्मचारी नियमों को नजरअंदाज कर चौराहे को ही अपना अस्थायी स्टैंड बना चुके हैं।
सवारी के लालच में नियमों की अनदेखी
डिपो नजदीक होने के बावजूद चालक अधिक सवारी के लालच में बसों को चौराहे पर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और जाम की समस्या और बढ़ जाती है।
ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, 2000 का चालान
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अब यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली बस पर 2,000 रुपये का चालान काटा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता की मांग: सिर्फ चालान नहीं, कार्रवाई भी
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा। दोषी कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं और जेसीज चौराहे को जाम से मुक्ति मिल सके।



