जौनपुर धारा, जौनपुर। प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित सभी प्रकार के सुलह-समझौते योग्य प्रकरणों के निस्तारण हेतु जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर वाणी रंजन अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को समस्त न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक की गयी। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के बाबत जिला जज ने न्यायिक अधिकारियों द्वारा किये गये प्रयासों एवं तैयारी का जायजा लिया। न्यायिक अधिकारी/मजिस्ट्रेट जिस किसी को भी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किये जा सकने वाले के निस्तारण एवं प्रभावी कार्यवाही किये जाने में कोई कठिनाई आ रही हो तो उसका निराकरण कराये, जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत में लम्बित मामलों के निस्तारण की संख्या बढ़ाई जा सके। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन (वाद-पूर्व) स्तर पर पारिवारिक/दाम्पत्य विवाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम वाद, धन वसूली वाद, श्रम एवं सेवायोजन विवाद, विद्युत, जल बिल एवं अन्य प्रकार के बिलों के भुगतानों के विवाद (चोरी से सम्बन्धित विवादों सहित), भरण-पोषण वाद तथा अन्य प्रकार के आपराधिक शमनीय व सिविल वाद तथा न्यायालयों में लम्बित आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम वाद, धन वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकायें, श्रम एवं सेवायोजन विवाद, विद्युत, जलकर बिल एवं अन्य प्रकार के बिलों के भुगतानों के विवाद (चोरी से सम्बन्धित विवादों सहित) वैवाहिक प्रीलिटिगेशन के मामलें, पारिवारिक वाद (विवाह विच्छेद सम्बन्धित वादों को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा में वेतन, भत्तों एवं सेवानिवृत्ति परिलाभां से सम्बन्धित विवाद, राजस्व वाद, अन्य सिविल वाद (किराया, सुखाधिकार, व्ययादेश, विशिष्ट अनुतोष वाद) आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित होने वाले समस्त प्रकार के वादों का निस्तारण किया जायेगा। जिला जज द्वारा वादकारियों एवं अधिवक्तागण से अपील की गयी कि अपने-अपने वादों से सम्बन्धित न्यायालयों में सम्पर्क स्थापित कर वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु सन्दर्भित करायें एवं अधिकतम वादों का निस्तारण कराकर लोक अदालत का लाभ उठायें। बैठक में अपर जिला जज गण, प्रभारी सचिव/सिविल जज सी.डि., सिविल जज जू.डि. एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट गण उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत की जिला जज ने ली प्री-ट्रायल बैठक

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