- नवजात शिशु को कचड़े में फेंका, ममता हुई शर्मशार
जौनपुर धारा,केराकत। एक तरफ मां को ममता की मूरत माना जाता है वहीं मां को रब से बड़ा दर्जा प्राप्त है। भारत में भोजपुरी में कुछ कहावत जैसे ‘पुत कुपूत होला पर माता सुनी न कुमाता’ जैसी कहावतें समाज में विद्यमान माता के अपने पुत्र के प्रति अगाढ़ स्नेह को दर्शाता है। लेकिन कुछ ऐसी तस्वीरें समाज में आ जाती है या कहे कि कुछ ऐसे वाकया समाज में घट जाते है कि जो मानवता को झकझोरने का कार्य करते है। जीहां हम बात कर रहे है केराकत के शेखजादा मोहल्ले में कचड़े से अध ढके मिट्टी में मिले नवजात शिशु के शव की। जिसे कुत्ते नोचकर ख्ाा रहे थे। इस वाकया को देखने वाले लोगों तक की आँखें नम हो गईं। जबकि उस नवजात शिशु के मां ने अपने ही शिशु को कचड़े में फेकने में उफ्फ तक न की। लोगों ने कचड़े में शिशु का शव देखते ही पुलिस को सूचना दी, जिसे पुलिस ने निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे जिसके आस पास महिलाओं के लिए ढेरों क्लीनिक व अस्पताल बने हुए है। नवजात शिशु को किसने कचड़े के ढेर में मिट्टी में अध ढके ही छोड़ गया।


