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आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की आवश्यकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीद सीमित करने की अपील ने देश में आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की बहस को तेज कर दिया है। यह संपादकीय सर्राफा बाजार, विदेशी मुद्रा भंडार, गोल्ड रीसाइक्लिंग मॉडल और लाखों कारीगरों के रोजगार पर इसके प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
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मजदूर दिवस पर किया गया जनसभा का आयोजन

जौनपुर धारा,जौनपुर। अन्तरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की 136वीं वर्षगांठ पर दिशा फाउंडेशन ने ग्राम सभा मुरकी में संयुक्त रूप से जनसभा का आयोजन किया। जन सभा में ग्राम सभा के साथ ही आस पास के गांवों से सैकड़ों महिलाएं पुरुष, नौजवानो ने जन सभा में हिस्सा लिया। जनसभा में राजदेव राजभर ने अपने गीत ‘जांगर बेच के जीने वाले मई दिवस  को याद करों झंडा लाल है किनके खून से, उन वीरों को याद करो,  गीत गाकर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दिया। दिशा फाउंडेशन के संस्थापक लाल प्रकाश राही ने मई दिवस के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रम करने वाले अपने ऊपर होने वाले जुल्म अत्याचार के खिलाफ उस समय से लड़ रहें है। जब दुनिया में कई धर्मों का उदय भी नही हुआ था। ईसा से 109वर्ष पूर्व रोमन साम्राज्य के विरुद्ध स्पार्टकस ने गुलामों का नेतृत्व करते हुए एक लंबी लड़ाई लड़ी। सभा को संबोधित करते हुए कामरेड बचाऊ राम ने कहा कि मई दिवस सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनियां में एक साथ मनाया जाता हैं। यह घटना 1 मई 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर के हे मार्केट में मजदूरों की एक रैली में पूंजीपतियों के एजेंटों के द्वारा बम विस्फोट कराकर शिकागो की पुलिस और मिलिसिया सेना के द्वारा गोलियों से भुना गया। जिसमें सैकड़ों मजदूर शहीद हो गए थे। आज जरूरत हैं धर्म, जाति, अंधविश्वास के बंधनों से बाहर आकर जनता के जन आंदोलन को मजबूत कर आंदोलन चलाने की जरूरत हैं। यदि हम आज नहीं सोच रहें है और निर्णायक निर्णय नहीं लेंगे तो हमारा सब कुछ छीन लिया जाएगा और हमारे ऊपर जुल्म और फिर अत्याचार किया जाएगा। लालगंज से आए राजपत राजभर ने मजदूरों के गीत के माध्यम से संगठित करने का आह्वान किया।

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