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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
Homeअपना जौनपुरमंदिर के गेट पर ताला लटकता देख बच्चे हुए निराश

मंदिर के गेट पर ताला लटकता देख बच्चे हुए निराश

पिछले एक वर्षों से चल रहा था मंदिर में निःशुल्क पाठशाला

जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। नगर के मोहल्ला गुड़हाई (मलिया का गोड़ा) में स्थित मां काली चौरा माता मंदिर में संचालित नि:शुल्क पाठशाला में पढ़ रहे बच्चों ने अचानक मंदिर गेट पर ताला लटकता देखकर निराश व मायूस हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। बच्चों ने शासन-प्रशासन से मंदिर के गेट का ताला खुलवाने पुनः पठन-पाठन शुरू करने की गुहार लगाई। बताते चलें कि मलिया का गोड़ा मां काली मंदिर प्रांगण में पिछले एक वर्षो से शिक्षा से वंचित गरीब बच्चों को नि:शुल्क पाठशाला में शिक्षक सूरज विश्वकर्मा, प्रीति गुप्ता व पिंकी गुप्ता द्वारा शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा था। रोजाना की तरह बच्चे जब शनिवार शाम पढ़ने के लिए पहुंचे तो मंदिर गेट पर ताला लटकता देख निराश हुए और मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। बातचीत में निःशुल्क पाठशाला संस्थापक व संचालक सूरज विश्वकर्मा ने बताया कि यहां पर पिछले एक साल से लगभग चार दर्जन से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मंदिर गेट पर ताला लटकता देख बच्चे सहित शिक्षक निराश हुए। जब ट्रस्टी प्रबंधक व अध्यक्ष से बातचीत किया तो उन्होंने निजी संपत्ति का हवाला देते हुए कहा कि हम कुछ लोगों के द्वारा मंदिर का निर्माण जारी है और यहां बच्चे नहीं पढ़ सकते हैं। आप दूसरी जगह देख लें तो अच्छा है। क्यूंकि मंदिर अब एक निर्धारित समय से खुलेगा और बंद होगा। जबकि उसी मंदिर में बीते 20मई को पाठशाला का स्थापन दिवस मनाया था। निःशुल्क पाठशाला के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बच्चों पठन-पाठन में रुकावट हुई तो हम सभी लोग मंदिर के बाहर सड़क पर शिक्षण कार्य करने पर मजबूर होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी ट्रस्टी और प्रशासन की होगी।