जौनपुर धारा, जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के अरसिया में 25 अप्रैल से चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथा व्यास की गद्दी से कथावाचक स्वामी चिन्मयानन्द बापू ने भागवत कथा को कथा नहीं, वरन प्रसाद बताया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा ही ऐसी कथा है जिसे स्वयं भगवान ने स्वयं कहा है। इसलिए यह कथा नहीं, यह प्रसाद है। इसलिए आप सभी को इस प्रसाद का वितरण कर पुण्य का भागी होना चाहिए। इसके पूर्व परम्परागत विधि विधान से भागवत पुराण का पूजन अर्चन किया गया। उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि गंगा नदी में स्नान करने वाले केवल तन को शुद्ध करते हैं, जबकि भागवत कथा रूपी नदी में गोते लगाने वाले तन और मन दोनों से शुद्ध होकर भवसागर से पार हो जाते हैं। बापू ने कहा कि पापी से पापी व्यक्ति भी भागवत कथा का रसपान कर मरणोपरांत भी भवसागर को पार कर जाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने सनातन धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए गौसेवा करने का भी श्रद्धालु स्रोताओं को पाठ पढ़ाया। इस दौरान पूर्व सांसद केपी सिंह, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, श्रवण मिश्र, विद्या सागर सोनकर, माण्डवी सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अन्त में आरती के पश्चात लोगों में प्रसाद वितरण का कार्य किया गया। आयोजक विधायक बदलापुर रमेश चन्द्र मिश्र ने आगन्तुकों के प्रति आभार प्रकट किया।
― Advertisement ―
धर्म और राजनीति का गठजोड़: क्या जनता के असली मुद्दे पीछे छूट रहे हैं?
भारत। धर्म और राजनीति गठजोड़ आज भारतीय लोकतंत्र के सामने एक गंभीर प्रश्न बनकर खड़ा है—क्या इस प्रक्रिया में जनता के असली मुद्दे कहीं...
भागवत कथा नहीं, वरन प्रसाद है : स्वामी बापूजी

Previous article
Next article


