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बुनियादी जरूरतों को भी तरस रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है. आलम यह है कि यहां लोग बुनियादी जरूरतों को भी तरस रहे हैं. फ्री राशन वितरण के दौरान भगदड़ जैसे हालात पैदा होना वहां आम बात है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पाकिस्तान की इतनी दयनीय हालत कैसे हुई, आखिर क्यों पड़ोसी मुल्क अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है.

दरअसल, पाकिस्तान की सरकार की कार्यशैली के साथ-साथ वहां आई बाढ़ ने इस मुल्क की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है. मुसीबत का सामना कर रहे पाकिस्तान साल 2022 में एशियन डेवलेपमेंट बैंक की ओर से फंड की जाने वाली परियोजनाओं का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बन गया है. इस बात की जानकारी एशियन डेवलेपमेंट बैंक ने अपने एक रिपोर्ट में दी है. एडीबी ने सोमवार (24 अप्रैल) को अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि साल 2022 में 40 देशों को 31.8 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया था. इसमें पाकिस्तान ने अकेले ही सबसे अधिक 5.58बिलियन डॉलर का कर्ज लिया था. बाढ़ के कारण पाकिस्तान की व्यवस्था चरमरा गई थी. ऐसे में पाकिस्तान के कर्ज की जरुरत बढ़ती चली गई. जियो टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एशियन डेवलेपमेंट बैंक ने भी माना है कि पाकिस्तान की हालत बाढ़ के कारण खराब हुई. बाढ़ ने आर्थिक रूप से पाकिस्तान को कमजोर करने का काम किया. बाढ़ के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई. इस वजह से देश में खाद्य आपूर्ति प्रभावित हुई और महंगाई में जबरदस्त इजाफा हुआ. वहीं एडीबी की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इन हालातों में साल 2022 में पाकिस्तान को सबसे अधिक धन प्राप्त हुआ. जियो टीवी के मुताबिक, पाकिस्तान को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1.5 बिलियन डॉलर दिए गए. इस बाढ़ से मुल्क को करीब 30 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. इसमें 1,730 लोग मारे गए और 33.3 मिलियन लोग प्रभावित हुए. इस वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बाढ़ की वजह से पूरी तरह चौपट हो गई. अब आलम ये है कि पाकिस्तान अपने मित्र देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. 

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